- प्रदेशभर में 21 अप्रैल को जिलों में रैलियों के बाद कलेक्टरों को सौंपे जाएंगे ज्ञापन
- मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव मंडलोई ने सामान्य प्रशासन विभाग से मांगा अभिमत
भोपाल । प्रदेश के ढाई लाख से ज्यादा आउटसोर्स कर्मियों की नौकरी के स्थायित्व और वेतन गारंटी को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग से अभिमत मांगा गया है। ताकि एक ऐसी पॉलिसी बनाई जा सके, जिससे आउटसोर्स कर्मचारी को कभी भी बाहर नहीं किया जा सके और उसके परिवार का पालन पोषण भी होता रहे।

दरअसल आउटसोर्स कर्मचारियों के मुद्दे पर भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि मंडल ने बीते 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलकर 17 सूत्री मांगें सामने रखी थी। साथ आउटसोर्स कर्मचारियों अैर उनसे जुडेÞ परिवारों की हालत के बारे में बताया था। इसके बाद 17 अप्रैल को फिर से भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि मंडल ने अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई से मुलाकात की। इस पर भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री राजन नायर के अनुसार एसीएस मंडलोई ने बताया कि जीएडी से मांगों के संबंध में अभिमत मांगा गया है, ताकि सुस्पष्ट नीति बनाई जा कर मांगों का समाधान हो सके। इसमें नौकरी के साथ ही वेतन की गारंटी भी शामिल रहेगी।
इंदौर में हुई भामसं की बैठक मं बनी रणनीति
आउटसोर्स के मुद्दे पर बीते माह मार्च के अािखरी हफ्तें में इंदौर में हुई भामसं की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक में आउटसोर्स की बढ़ती तादाद के साथ ही उनकी नाराजगी की चर्चा हुई। ऐसे में आउटसोर्स को भामसं के साथ जोड़ने का तय किया गया। इसके तत्काल बाद आउटसोर्स कर्मियों के छोटे-छोटे संगठनों से बात की गई, ताकि सभी एक मंच पर आकर परिणामदायक संघष कर सहें।
ओवर एज हो गए, लेकिन नौकरी की गारंटी नहीं
आउटसोर्स की बड़ी संख्या नियमित पदों के मुकाबले बीते 15 सालो से कार्यरत है। बावजूद उनकी सेवा की गारंटी नही है। इससे सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है। ज्यादातर आउटसोर्स ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में कार्यरत हैं, जहां उनकी मांगों को लेकर जनता भी सहमत है। ऐसे में ज्यादा हालात बिगड़ने से पहले ही एकजुट किया जा रहा है।
जल्द ही 17 सूत्री मांगों को लेकर निर्देश जारी हो जाएंगे।
आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी और वेतन सुरक्षा के लिए 21 अप्रैल को प्रदेशभर में एक साथ रैली के बाद जिला मुख्यालयों में ज्ञापन सौंपे जाएंगे। आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को लेकर मुख्यमंत्री बेहद संवेदनशील हैं और उनका रुख सकारात्मक है। ऐसे में उम्मीद है जल्द ही 17 सूत्री मांगों को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग के अभिमत के बाद निर्देश जारी हो जाएंगे।
-कुलदीप गुर्जर, महामंत्री, भारतीय मजदूर संघ