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भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: छिंदवाड़ा में रिटायर्ड SDO के ठिकानों पर EOW की रेड, आय से 200% अधिक संपत्ति का खुलासा


  • लोक निर्माण विभाग (PWD) के रिटायर्ड एसडीओ महेंद्र नागवंशी के निवास पर EOW की दबिश, वैध आय से 200 प्रतिशत अधिक की बेनामी संपत्ति उजागर हुई

छिंदवाड़ा  (फरहान खान)। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार तड़के जबलपुर EOW की टीम ने छिंदवाड़ा के परासिया रोड स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) के रिटायर्ड एसडीओ महेंद्र नागवंशी के निवास पर दबिश दी। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने विभाग और शहर दोनों को चौंका दिया है। नागवंशी के पास उनकी वैध आय से 200 प्रतिशत अधिक की बेनामी संपत्ति उजागर हुई है।




तड़के शुरू हुई 'सर्जिकल स्ट्राइक'

EOW की 25 सदस्यीय टीम ने स्थानीय पुलिस बल के साथ सुबह-सुबह वंदना लॉन के पास स्थित नागवंशी के आलीशान बंगले को चारों तरफ से घेर लिया। कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि टीम ने घर में दाखिल होते ही मुख्य द्वार को अंदर से बंद कर दिया। इस दौरान न किसी को अंदर जाने की अनुमति थी और न ही कोई बाहर आ सका।


करोड़ों का साम्राज्य: जांच में खुले कुबेर के भंडार

दिनभर चली दस्तावेजों की बारीकी से जांच के बाद नागवंशी की काली कमाई का कच्चा चिट्ठा सामने आने लगा है। अब तक की जांच में करीब 5 करोड़ रुपये की संपत्ति का आकलन किया गया है:

जमीन और निवेश: लगभग 25 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि (कीमत करीब 2 करोड़ रुपये) और एक आटा मिल में 2.5 करोड़ रुपये का निवेश मिला है।

बंगला और गाड़ियां: परासिया रोड स्थित कीमती आवास के साथ-साथ 30 लाख रुपये मूल्य के वाहन बरामद हुए हैं।

बैंक और बीमा: आरोपी के 10 अलग-अलग बैंक खातों का पता चला है, साथ ही 22 बीमा पॉलिसियों में निवेश के दस्तावेज भी मिले हैं।

जेवरात: घर से करीब 10 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और नगदी जब्त की गई है।





भ्रष्टाचार की धाराओं में मामला दर्ज

EOW के डीएसपी एसडी धामी के अनुसार, महेंद्र नागवंशी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में 2 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन की बात भी सामने आई है।

"महेंद्र नागवंशी ने सब-इंजीनियर से एसडीओ तक के सफर में छिंदवाड़ा, जबलपुर (ब्रिज ऑफिस) और मंडला में सेवाएं दी हैं। फिलहाल बैंक लॉकरों और अन्य दस्तावेजों की जांच जारी है, जिससे संपत्ति का यह आंकड़ा अभी और बढ़ने की संभावना है।" — EOW सूत्र

यह कार्रवाई जिले के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि रिटायरमेंट के बाद भी कानून के हाथ लंबे होते हैं। फिलहाल टीम की जांच जारी है और आगामी कुछ घंटों में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।