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जनजातीय शिक्षकों को दिया 'ग्रीन-कैंपस' का प्रशिक्षण

विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यक्रम का समापन।

डब्लू.डब्लू.एफ. के विशेषज्ञों ने जनजातीय शिक्षकों को दिया 'ग्रीन-कैंपस' अभियान का प्रशिक्षण। अंतिम दिन विद्यालय एवं आवास में किया पौधारोपण।

भोपाल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनजातीय कार्य विभाग द्वारा 'ग्रीन-कैंपस' अभियान पर आधारित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हुआ। इसमें पहले दिन प्रदेश के 20 जनजातीय जिलों के विभागीय शिक्षकों को डब्लू.डब्लू.एफ. इंडिया ने पर्यावरण से जुड़े नवाचारों एवं गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया। आयोजन के दूसरे दिन मंगलवार को प्रदेश स्तर पर विद्यालय परिसर व अपने आवासों पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। 

आयोजन के पहले दिन सतपुड़ा भवन के द्वितीय तल पर स्थित जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय के सभाकक्ष में वर्चुअल सत्र का आयोजित किया। डब्लू.डब्लू.एफ. की मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ राज्य संचालक संगीता सक्सेना ने वर्चुअल माध्यम से शिक्षकों को पी.पी.टी. और शॉर्ट फिल्मों के माध्यम से संवाद किया। उन्होंने पर्यावरण के प्रति जनजातीय विद्यार्थियों की संवेदनशीलता को सही दिशा देने और उनमें पर्यावरण के प्रति वैज्ञानिक जागरुकता विकसित करने पर सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अगर हम इस तरह ही प्लास्टिक का अंधाधुंध उपयोग करते रहे तो आने वाले दशकों में पर्यावरण व जीव-जंतुओं पर जो दुष्परिणाम पड़ेगा उसके परिणाम भयावह होंगे। उन्होंने इस वर्ष के पर्यावरण दिवस की थीम 'वैश्विक स्तर पर वन्यजीवों व पर्यावरण पर प्लास्टिक प्रदूषण के विपरीत प्रभाव' पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया। 

इस अभियान में विभाग के प्रदेश भर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, सी.एम. राइज विद्यालय, कन्या शिक्षा परिसर एवं आदर्श आवासीय विद्यालयों के शिक्षकों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर डब्लू.डब्लू.एफ. इंडिया के मप्र-छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ अधिकारी अजय मिश्रा भी उपस्थित रहें। विभाग के सहायक संचालक (सी.एम. राइज विद्यालय) विनय ठक्कर ने डब्लू.डब्लू.एफ. इंडिया के विशेषज्ञों को पौधा भेंट कर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभाग के शिक्षा सलाहकार सत्यप्रकाश नायक भी उपस्थित रहे।