- सड़क दुर्घटनाओं में 20 जिंदगियाँ बचाने वाले झालावाड़ के नागरिक सम्मानित
झालावाड़। जब सड़क पर कोई हादसा होता है, तब अक्सर लोग तमाशबीन बन जाते हैं, लेकिन झालावाड़ जिले में ऐसे 20 लोग सामने आए, जिन्होंने डर और संकोच को पीछे छोड़कर इंसानियत को चुना। समय पर मदद कर सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने वाले इन नागरिकों को सोमवार को जिला प्रशासन ने सम्मानित कर समाज के सामने एक सकारात्मक संदेश दिया।
भारत सरकार की राहतवीर योजना के तहत दिसम्बर 2025 और जनवरी 2026 में घायलों की त्वरित सहायता करने वाले 20 राहतवीरों को मिनी सचिवालय सभागार में जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ और पुलिस अधीक्षक अमित कुमार बुडानिया ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि हर सड़क दुर्घटना के पीछे किसी परिवार का सपना जुड़ा होता है। कई बार केवल समय पर सहायता न मिलने से घायल व्यक्ति अपनी जान गंवा देता है, जबकि थोड़ी-सी तत्परता उसे नई जिंदगी दे सकती है। राहतवीर योजना ऐसे ही संवेदनशील नागरिकों को आगे लाने का माध्यम है, जो बिना किसी भय के घायल की मदद करते हैं।
उन्होंने आमजन से अपील की है कि दुर्घटना के बाद मूक दर्शक न बनें। एक फोन कॉल, एंबुलेंस बुलाना या घायल को अस्पताल पहुंचाना—ये छोटे कदम किसी के लिए जीवन रक्षक बन सकते हैं। गुड सेमेरिटन कानून के तहत मदद करने वालों को किसी भी तरह की कानूनी परेशानी नहीं होती, इसलिए नि:संकोच आगे आएं और मानव जीवन की रक्षा में भूमिका निभाएं।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार बुडानिया ने बताया कि राहतवीर योजना के चलते जिले में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। लोग अब दुर्घटनाओं में तत्काल सहायता कर रहे हैं। वहीं ड्रिंक एंड ड्राइव जैसे मामलों में पुलिस की सख्ती का असर भी सामने आया है। जनवरी 2026 में दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ने के बावजूद मौतों और गंभीर घायलों की संख्या में संतुलन बना रहना इस बात का संकेत है कि समय पर मदद कारगर साबित हो रही है।
जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि हर सड़क दुर्घटना के पीछे किसी परिवार का सपना जुड़ा होता है। कई बार केवल समय पर सहायता न मिलने से घायल व्यक्ति अपनी जान गंवा देता है, जबकि थोड़ी-सी तत्परता उसे नई जिंदगी दे सकती है। राहतवीर योजना ऐसे ही संवेदनशील नागरिकों को आगे लाने का माध्यम है, जो बिना किसी भय के घायल की मदद करते हैं।
उन्होंने आमजन से अपील की है कि दुर्घटना के बाद मूक दर्शक न बनें। एक फोन कॉल, एंबुलेंस बुलाना या घायल को अस्पताल पहुंचाना—ये छोटे कदम किसी के लिए जीवन रक्षक बन सकते हैं। गुड सेमेरिटन कानून के तहत मदद करने वालों को किसी भी तरह की कानूनी परेशानी नहीं होती, इसलिए नि:संकोच आगे आएं और मानव जीवन की रक्षा में भूमिका निभाएं।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार बुडानिया ने बताया कि राहतवीर योजना के चलते जिले में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। लोग अब दुर्घटनाओं में तत्काल सहायता कर रहे हैं। वहीं ड्रिंक एंड ड्राइव जैसे मामलों में पुलिस की सख्ती का असर भी सामने आया है। जनवरी 2026 में दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ने के बावजूद मौतों और गंभीर घायलों की संख्या में संतुलन बना रहना इस बात का संकेत है कि समय पर मदद कारगर साबित हो रही है।
जनवरी 2024 में 35 सड़क दुर्घटनाओं में 15 लोगों की मौत हुई थी। जनवरी 2025 में 41 हादसों में 18 मौतें दर्ज हुईं। जबकि जनवरी 2026 में 46 दुर्घटनाओं के बावजूद मौतों का आंकड़ा 17 पर सिमटा, जो राहतवीरों की सक्रियता का परिणाम माना जा रहा है।
इन मानवता के 20 फरिश्तों को मिला सम्मान
धनसिंह, निखिल सोनी, जोहब आलम, दिनेश कुमार, यश शर्मा, राघवेन्द्र सिंह, विष्णु, टीकमसिंह, प्रवीण बंजारा, रवि, चन्द्रशेखर, रोशन दांगी, बुद्धराज सिंह, दिनेश गुर्जर, पवन, सुरेश चन्द्र वर्मा, भगवान सिंह मीणा, प्रदीप नागर, गोविन्द उर्फ सागर माली एवं विकास कुमार।

