- प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना पर शासकीय अग्रणी कॉलेज में हुई जागरूकता कार्यशाला; विद्यार्थियों को मिलेंगे 9000 रु प्रतिमाह, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
सागर । भारत सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना' (PMIS) के अंतर्गत अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय सागर में एक दिवसीय जागरूकता शिविर सह कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ सरोज गुप्ता के निर्देशन में आयोजित इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य स्नातक अंतिम वर्ष, स्नातकोत्तर एवं पासआउट छात्र-छात्राओं को योजना की पात्रता शर्तों, ऑनलाइन पंजीयन विधि और इससे प्राप्त होने वाले लाभों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में कॉलेज के 58 विद्यार्थियों ने उपस्थित होकर करियर निर्माण की इस योजना के प्रति भारी उत्साह दिखाया।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ. इमराना सिद्दीकी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि उद्योग आधारित व्यावहारिक अनुभव और कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना युवाओं को देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में काम करने का अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय रहते आवेदन करने और इस स्वर्णिम अवसर से जुड़कर अपने भविष्य को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में योजना प्रभारी डॉ. प्रतिभा जैन एवं डॉ. अभिलाषा जैन व वाणिज्य विभाग की डॉ. संगीता कुंभारे ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह योजना उद्योग जगत की आधुनिक मांग और शैक्षणिक योग्यता के बीच के अंतर को पाटने का काम करेगी, जिससे विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा। इसके बाद डॉ. संजय कुमार दुबे ने आकर्षक पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजना की पात्रता, ऑनलाइन पंजीयन, आवश्यक दस्तावेज और पोर्टल के उपयोग की चरणबद्ध जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को 9000 रु प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा, जिसमें 8100 रु भारत सरकार द्वारा तथा 900 रु संबंधित कंपनी द्वारा देय होंगे।
कार्यक्रम में योजना प्रभारी डॉ. प्रतिभा जैन एवं डॉ. अभिलाषा जैन व वाणिज्य विभाग की डॉ. संगीता कुंभारे ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह योजना उद्योग जगत की आधुनिक मांग और शैक्षणिक योग्यता के बीच के अंतर को पाटने का काम करेगी, जिससे विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा। इसके बाद डॉ. संजय कुमार दुबे ने आकर्षक पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजना की पात्रता, ऑनलाइन पंजीयन, आवश्यक दस्तावेज और पोर्टल के उपयोग की चरणबद्ध जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को 9000 रु प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा, जिसमें 8100 रु भारत सरकार द्वारा तथा 900 रु संबंधित कंपनी द्वारा देय होंगे।

सत्र के अंतिम चरण में विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए विभिन्न तकनीकी प्रश्नों और शंकाओं का विशेषज्ञों द्वारा मौके पर ही समाधान किया गया और आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। अग्रणी कॉलेज की इस सार्थक पहल से छात्र-छात्राओं को कॉर्पोरेट जगत में प्रवेश के व्यावहारिक रास्तों की महत्वपूर्ण जानकारी मिली। कार्यक्रम का समापन उपस्थित अतिथियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार प्रदर्शन के साथ एक सकारात्मक संदेश और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ हुआ।
