- लोसपा के दो दिवसीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर में रघु ठाकुर का आह्वान
- जिस राज्य की जितनी जनसंख्या, उस हिसाब से किया जाये वित्त का प्रावधान
केन्द्र सरकार वित्त आयोग की सिफारिश पर राज्य सरकारों को पैसा बांटने में जिस तरह का भेदभाव करती हैं उसे देखते हुए लोसपा ने अपने नीति वक्तव्य में यह स्पष्ट किया है कि जिस राज्य की जितनी जनसंख्या है उस हिसाब से वित्त का प्रावधान किया जाये। इससे केन्द्र और राज्य के बीच दाता और याचक जैसा संबंध नहीं रहेगा।
रघु ठाकुर ने दुनिया के मुठ्ठी भर देशों की संपन्नता और ज्यादातर देशों की गरीबी का कारण हथियार उद्योग और दवा उद्योग को बताते हुए कहा हथियार निर्माता जहां जगह जगह अशांति और युद्ध चाहते हैं वहीं दवा निर्माता लोगों में बीमारी का भय दिखाते हैं।
रघु ठाकुर ने दुनिया के मुठ्ठी भर देशों की संपन्नता और ज्यादातर देशों की गरीबी का कारण हथियार उद्योग और दवा उद्योग को बताते हुए कहा हथियार निर्माता जहां जगह जगह अशांति और युद्ध चाहते हैं वहीं दवा निर्माता लोगों में बीमारी का भय दिखाते हैं।
सांसदों और विधायकों की पेंशन तत्काल बंद की जाए
रघु ठाकुर ने लोसपा की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह दल सांसद - विधायकों की पेंशन के खिलाफ है इसलिए इस पार्टी का कोई भी सांसद - विधायक पेंशन नहीं लेगा। महात्मा गांधी ने देश के मंत्रियों और सांसदों को छोटे मकानों में रहने और कम वेतन में गुजारा करने को कहा था। लोसपा गांधी की इसी भावना का सम्मान करते हुए यह नीति अपनाना चाहती है जिससे सरकार और नौकरशाही दोनों का खर्च कम हो। आर्थिक विषमता समाप्त करने के लिए लोहिया ने नारा दिया था-' सौ से कम न हजार से ज्यादा/ समाजवाद का यही तकाजा।' लोसपा देशवासियों की आमदनी में अधिकतम अंतर दस गुना से ज्यादा नहीं देखना चाहती। लोसपा का नीति वक्तव्य यह भी कहता है कि सरकार में रहे मंत्रियों और अफसरों की अनुपातहीन संपत्ति को सरकार जप्त करें। इसी तरह चुनाव प्रणाली में सुधार करते हुए जिस दल का जितना वोट प्रतिशत आये उस हिसाब से सरकार में हिस्सेदारी देने की बात करती है।
रघु ठाकुर ने लोसपा की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह दल सांसद - विधायकों की पेंशन के खिलाफ है इसलिए इस पार्टी का कोई भी सांसद - विधायक पेंशन नहीं लेगा। महात्मा गांधी ने देश के मंत्रियों और सांसदों को छोटे मकानों में रहने और कम वेतन में गुजारा करने को कहा था। लोसपा गांधी की इसी भावना का सम्मान करते हुए यह नीति अपनाना चाहती है जिससे सरकार और नौकरशाही दोनों का खर्च कम हो। आर्थिक विषमता समाप्त करने के लिए लोहिया ने नारा दिया था-' सौ से कम न हजार से ज्यादा/ समाजवाद का यही तकाजा।' लोसपा देशवासियों की आमदनी में अधिकतम अंतर दस गुना से ज्यादा नहीं देखना चाहती। लोसपा का नीति वक्तव्य यह भी कहता है कि सरकार में रहे मंत्रियों और अफसरों की अनुपातहीन संपत्ति को सरकार जप्त करें। इसी तरह चुनाव प्रणाली में सुधार करते हुए जिस दल का जितना वोट प्रतिशत आये उस हिसाब से सरकार में हिस्सेदारी देने की बात करती है।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग शिविर के अंत में पार्टी के नेता जावेद उस्मानी ने दो प्रस्ताव रखते हुए कहा कि लोसपा वाहनों के जरिए खर्च होने वाले इंधन की खपत को कम करने के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और सरकार से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक की मांग करती है। लोसपा इस मुद्दे पर बारह जून को ज्ञापन भारत सरकार को देगी।साथ ही नीट पेपर लीक मामले में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने की मांग करती है। लोसपा ने विश्व शांति के मद्देनजर डॉ लोहिया के विश्व- संसद के सपने को साकार करने के लिए उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में ' विश्व- संसद सम्मेलन ' यथाशीघ्र आयोजित करने का निर्णय लिया है।
पार्टी के प्रशिक्षण शिविर की अध्यक्षता पार्टी के अध्यक्ष शंभू दयाल बघेल ने की। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम सुंदर यादव,राष्ट्रीय महासचिव मुकेश चंद्रा, जावेद उस्मानी, मदन जैन, दयाशंकर शर्मा, शिवा श्रीवास्तव, जयंत तोमर, बिंदेश्वरी पटेल, डॉ अनूप सिंह, एडवोकेट पूरन सिंह राणा, संजीव राणा, रूपेंद्र सिंह राणा, निसार कुरैशी, असगर खान, गोपाल मदुरिया, भरत सराठे, गणेश बघेल, पान सिंह कुशवाह, रमजान खान, रामवीर माहौर, नौसे खान, कमरुद्दीन खान, रवि जैन आदि ने इस दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में अपने-अपने विचार व्यक्त किये।



