Type Here to Get Search Results !

प्रायोगिक लागू टैगिंग सिस्टम के विरोध में उतरे व्यापारी और उद्यमी

  • व्यापारी उद्यमी संवाद में टैगिंग की खामियों और परेशानियों को गिनाते दो टूक कहा गया-बिना सुधार लागू करने का होगा तीव्र विरोध
  • भारतीय व्यापार उद्योग प्रतिनिधि मंडल के ज्ञानेश मिश्र का सवाल- केवल उत्तर प्रदेश में राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा एक जुलाई से दो माह के लिए प्रयोग के तौर पर कृषि उत्पाद के व्यापार व उद्योग में प्रदेश के अंदर गेटपास क्यों..

कानपुर। व्यापारी उद्यमी संवाद में प्रदेश में वाहन टैगिंग व्यवस्था जुलाई ,अगस्त अर्थात दो माह तक प्रयोग के तौर पर लागू होने के बावजूद वाहन टैगिंग न हो पाने के कारण छोटी मोटी भूल चूक होने पर 451 व्यापारियों उद्यमियों को नोटिस भेजने या पेनाल्टी की कार्यवाही करने सहित गेट पास की व्यवस्था में कृषि उत्पाद गंतव्य पहुंचने की समय सीमा में भारी विरोधाभास होने पर विरोध करने का निर्णय लिया गया | 
तय हुआ कि 30 जुलाई से पूरे प्रदेश में वाहन टैगिंग व्यवस्था व प्रयोग के तौर पर लागू होने के बावजूद उसके तहत नोटिस जारी कर पेनाल्टी लगाने सहित गेटपास की कम समय सीमा के नियम के विरोध में आंदोलन की शुरुआत की जाएगी


आज भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के तत्वाधान में कोपरगंज में हुए व्यापारी उद्यमी संवाद व प्रदेश के अन्य पदाधिकारियों से ऑनलाईन हुए संवाद में प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश में वाहन टैगिंग व्यवस्था 1 जुलाई से दो माह के लिए जुलाई व अगस्त तक प्रयोग के तौर पर लागू होने के बावजूद वाहन टैगिंग न हो पाने के कारण छोटी मोटी भूल चूक होने पर 451 व्यापारियों उद्यमियों को नोटिस भेजने या पेनाल्टी की कार्यवाही करने सहित गेट पास की व्यवस्था में कृषि उत्पाद गंतव्य पहुंचने की समय सीमा में भारी विरोधाभास होने पर विरोध करने का निर्णय लिया गया |

तय हुआ कि 30 जुलाई से पूरे प्रदेश में वाहन टैगिंग व्यवस्था व प्रयोग के तौर पर लागू होने के बावजूद उसके तहत नोटिस जारी कर पेनाल्टी लगाने सहित गेटपास की कम समय सीमा के नियम के विरोध में आंदोलन की शुरुआत की जाएगी |

व्यापारी उद्यमी संवाद में भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि कि देश के 25 राज्यों में एपीएमसी एक्ट अर्थात मंडी अधिनियम लागू है लेकिन 24 राज्यों को छोड़कर केवल उत्तर प्रदेश में राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा एक जुलाई से दो माह के लिए प्रयोग के तौर पर कृषि उत्पाद के व्यापार व उद्योग में प्रदेश के अंदर गेटपास व वह अन्य प्रदेश से कृषि उत्पाद मंगाने पर प्री एराइवल स्लिप जारी करने के दौरान वाहन टैगिंग की व्यवस्था लागू की गई थी, कानपुर से लखनऊ तक व पूरे प्रदेश में इस वाहन टैगिंग व्यवस्था को वापस लेने की मांग चल रही थी और लखनऊ में इस विभाग के कृषि विपणन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की उपस्थिति में वाहन टैगिंग व्यवस्था स्थगित करने का आश्वासन दिया था इसके बावजूद वाहन टैगिंग व्यवस्था प्रयोग के तौर पर लागू होने के दौरान 451 व्यापारियों, उद्यमियों को अन्य प्रदेश से कृषि उत्पाद मंगाने पर प्री एराइवल स्लिप जारी करने और वाहन टैगिंग करने के दौरान छोटी मोटी गलतियां होने के आधार पर मंडी परिषद के आदेश के तहत उन्हें नोटिस दी जा रही है और प्रदेश में चार व्यापारियों से पेनाल्टी भी वसूल ली गई जबकि प्रयोग के दौरान इस तरह की कार्रवाई करना पूर्णतया अनुचित है, हम इस वाहन टैगिंग व्यवस्था सहित व्यापारियों उद्यमियों को नोटिस दिए जाने का विरोध करेंगे|                                                                                                                                                                                                                            

यह भी कहा कि मंडी समिति के गेट पास पर 30 किलोमीटर प्रति घंटा लिखा हुआ है अर्थात 48 घंटे में 1440 किलोमीटर की दूरी पूरी करनी होती है ,यह किसी भी हाल में संभव नहीं है और उसी गेट पास पर दूसरी जगह अधिकतम 48 घंटे में 500 किलोमीटर लिखा हुआ है जबकि जीएसटी में ईवे बिल में 48 घंटे में 200 किलोमीटर की दूरी पूरी करनी होती है और गेट पास की समय सीमा समाप्त हो जाने के नाम पर पिछले 2 वर्ष में कानपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में हजारों गाड़ियों की पेनाल्टी की गई है जो कि पूरी तरह से व्यापारियों उद्यमियों का उत्पीड़न है और हम कृषि उत्पाद के व्यापार व उद्योग में गेट पास की समय सीमा का भी प्रदेश व्यापी विरोध करेंगे |

इसी तरह मंडी परिषद द्वारा लागू कई अन्य जटिल समस्याओं का विरोध किया जाएगा|