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नसरुल्लागंज तहसील में अवैध उत्खनन से संबंधित हमला की कोई मौखिक या लिखित शिकायत नहीं


प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर गये, सीहोर कलेक्टर द्वारा वस्तु-स्थिति स्पष्ट
सीहोर जिले की नसरुल्लागंज तहसील में रेत के कथित अवैध उत्खनन से संबंधित हमला आदि की कोई लिखित अथवा मौखिक शिकायत नहीं की गई है। कलेक्टर सीहोर ने वस्तु-स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि 25 जून को श्री मानक अग्रवाल अथवा उनके सहयोगियों ने उन पर कथित हमले के प्रयास की कोई लिखित या मौखिक शिकायत उपस्थित राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को दर्ज नहीं करवाई है। श्री अग्रवाल द्वारा मौके पर दी गई सूचना के आधार पर नसरुल्लागंज के अनुविभागीय अधिकारी और सीहोर जिले के खनिज अधिकारी ने अवैध परिवहन करते पाये जाने वाले वाहनों के
विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उन्हें पुलिस अभिरक्षा में रखवाया गया।


कलेक्टर ने बताया कि सीहोर जिले में 15 रेत खदान स्वीकृत थीं और यह सभी मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम को आवंटित थीं। माह सितम्बर, 2012 में 9 खदान की लीज अवधि समाप्त होने के कारण मध्यप्रदेश खनिज निगम द्वारा इन खदानों पर खनन कार्य बंद कर दिया गया। इस दौरान उच्चतम न्यायालय के आदेश अनुसार राज्य-स्तरीय पर्यावरण मूल्यांकन समिति से स्वीकृति प्राप्त न होने से इन खदानों का अभी नवीनीकरण नहीं हुआ है। इन खदानों से किसी प्रकार का खनन न किये जाने के संबंध में वर्तमान में किसी भी न्यायालय का कोई स्थगन आदेश नहीं है।

कलेक्टर ने बताया कि अवैध उत्खनन के मामलों में लगातार कार्यवाही की जा रही है। अगस्त, 2012 से अभी तक अवैध रेत परिवहन के 238 प्रकरण पंजीबद्ध कर 53 लाख 84 हजार रुपये का अर्थ-दण्ड वसूला गया है।