बाबू भाई, मुंबई.
अब इसे सिक्योरिटी कहें या फिर अंडरवर्ल्ड की तकनीक, होता यही है कि डान सिर्फ मिस काल पर ही बात करते हैं। जी हां, मुंबई को हिन्दुस्तान की आर्थिक राजधानी कहा जाता है और अर्थ लाभ के लिए तमाम गैंगस्टर से लेकर डान तक मुंबई पर ही टिके हैं। इसके लिए मिस काल का इस्तेमाल होता है।
पुलिस सूत्रों की माने तो राजन के गैंग के लोगों को यदि उससे बात करनी होती है, तो वह इस मोबाइल नंबर पर मिस कॉल कर देते हैं। कुछ मिनट बाद छोटा राजन का वीओआईपी नंबर से अपने गैंग के संबंधित आदमी के पास कॉल आता है और फिर इसके बाद आगे की साजिश रची जाती है। वीओआईपी नंबर से किसी की लोकेशन बहुत आसानी से ट्रेस नहीं की जा सकती है।
पुलिस से बचने छोटा राजन और रवि पुजारी करते हैं वीओआईपी नंबरों का इस्तेमाल
यदि राजन को मुंबई में किसी बिल्डर या बिजनेसमेन से हफ्ता लेना होता है या रुपयों को लेकर बात करनी होती है, तो उसके गैंग के लोग संबंधित बिल्डर या बिजनेसमेन के पास राजन का मोबाइल नंबर लिख छोड़ते हैं, फिर उनसे राजन को कॉल करने को कहते हैं। राजन ऐसे नंबरों को देखकर फोन कट कर देता है और फिर किसी वीओआईपी नंबर से संबंधित बिल्डर या बिजनेसमेन को धमकियां देना शुरू कर देता है।
एजेंसियां मानती हैं कि छोटा राजन जैसी ही मोडस आॅपरेंडी इन दिनों एक और डॉन रवि पुजारी भी इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, इसके ठीक उलट छोटा शकील अभी भी सीधे मोबाइल से ही मुंबई में बात करता है। वह रहता तो पाकिस्तान में है, पर सिम कार्ड दुबई को यूज करता है। शकील कई बार हिन्दुस्तानी न्यूज चैनलों से भी आन लाइन मोबाइल पर बात कर चुका है।
अब नहीं चलता राजन का हथौड़ा
कई साल पहले छोटा राजन ने खुद के व अपने गैंग के लोगों के लिए खास तरह के मोबाइल सेट बनवाए थे। इन मोबाइल सेटों को उसने हथोड़ा नाम दिया था। इन मोबाइल सेटों में कितने भी सिम कार्ड चेंज किए जाएं, कभी जांच एजेंसियों के पास इनका आईएमईआई नंबर आता ही नहीं था। बाद में उसने इन हथोड़ा मोबाइल सेटों का क्यों इस्तेमाल करना बंद कर दिया, इसका राज आज तक नहीं खुल पाया है।
सिर्फ मिस कॉल पर ही बात करते हैं मुंबईया डान
अगस्त 25, 2014
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