महापौर विवेक शेजवलकर शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2019-20 का लगभग 1900 करोड़ रुपए का बजट पेश करेंगे। यह उनके महापौर कार्यकाल का अंतिम बजट होगा। लोकसभा और नगरीय निकाय चुनाव के मद्देनजर नगर निगम के इस बजट में शहर के लोगों पर कोई भारी-भरकम टैक्स नहीं लगाया गया है।
नए बजट में मुरार में दो शॉपिंग कॉम्पलेक्स, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, महाराज बाड़ा पर निगम की पुरानी इमारत में संग्रहालय बनाने के साथ-साथ स्कूलों की हालत को सुधारने के प्रस्तावों को शामिल किया गया है। हालांकि वर्ष 2018-19 के बजट में जो बजट में वायदे किए थे, वे पूरे नहीं हो पाए हैं।
लगभग 54 करोड़ के घाटे वाले इस बजट में निगम की आय बढ़ाने के लिए नए कर के रूप में सीवेज टैक्स का प्रावधान तो किया गया है, लेकिन यह बड़े संस्थानों से ही वसूल किया जाएगा। इसी प्रकार पेयजल सप्लाई के लिए बल्क कनेक्शन का प्रावधान भी किया जा रहा है, लेकिन यह भी व्यावसायिक संस्थानों पर ही लागू होगा पिछले साल 1550 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था।
केंद्रीय योजनाओं में राशि बढ़ाई जा सकती है
वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए शुक्रवार को पेश होने जा रहे नगर निगम के बजट में आकर्षण के रूप में स्मार्ट सिटी, अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास के कार्यों को शामिल किया गया है। केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत कराए जा रहे कार्यों के कारण इस बार बजट की राशि बढ़ गई है।
अमृत योजना का पार्षदों का हंगामा
- जल विहार स्थित निगम परिषद हॉल में दोपहर 3 बजे से बजट सम्मेलन शुरू होगा। हालांकि बजट सम्मेलन में विपक्ष आक्रामक अंदाज में रहेगा। विपक्ष के पार्षद अमृत योजना को लेकर हंगामा मचा सकते हैं। क्योंकि पिछले बैठक में अमृत योजना में किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी पार्षदों को देने के लिए कहा था। इसमें सीवर संबंधी जानकारी तो दे दी गई है।
केंद्र सरकार की योजनाओं ने बढ़ाई बजट राशि
- केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत शहर में चल रहे विकास कार्यों के कारण निगम का बजट पिछले साल के मुकाबले 350 करोड़ रुपए ज्यादा होना बताया जा रहा है। इसमें अमृत योजना के तहत कराए जा रहे पानी, सीवर और पार्क के 756 करोड़ रुपए के काम। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5000 आवासों का निर्माण और चंबल नदी से पानी लाने की 398.45 करोड़ की योजना को भी शामिल किया गया है।