बुधवार देर रात करीब 1:30 बजे अचानक मौसम बदला। तेज हवा चली और कुछ देर में बारिश के साथ आंवले के आकार के ओले गिरना शुरू हो गए। भोपाल, सीहोर, रायसेन सहित प्रदेश के कई हिस्सों में करीब 10 मिनट तक यही नजारा रहा। खास बात यह रही कि कश्मीर और हिमाचल में बर्फबारी हो रही है और मप्र में बारिश-ओले के बाद भी भोपाल में तापमान घटने के बजाय बढ़ गया। यहां रात का तापमान 5.40 के उछाल के साथ 19.80 पर पहुंच गया। यह सात साल बाद फरवरी में सबसे गर्म है। यही नहीं, गुरुवार को दिन का तापमान भी 2.50 की बढ़त के साथ 35.80 पर पहुंच गया।
गर्मी क्यों : उत्तर भारत में अभी बर्फबारी हो रही है। जब वहां बर्फ पिघलना शुरू होती है और हवा का रुख जब दक्षिण की ओर होता है, तभी मध्यप्रदेश में ठंड पड़ती है। मप्र में फिलहाल हवा का रुख दक्षिण से पूर्व की ओर है। (मौसम वैज्ञानिक एसके नायक के अनुसार)
तीन कारणों से अचानक बदला मौसम :
- पूर्व की ओर से आ रही ठंडी हवा और उत्तर की ओर से आ रही शुष्क हवा आपस में टकराई।
- पश्चिमी राजस्थान से विदर्भ की ओर ट्रफ लाइन बनी। हालांकि अब यह खत्म हो चुकी है।
- जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और अरब सागर की ओर से नमी मिलना भी मौसम में बदलाव का कारण।
दिन में गर्मी क्यों बढ़ी : न तो हवा में नमी है और न ही आसमान पर उतने बादल हैं कि वे सूरज की किरणों को रोक पाएं। ऐसे में धूप सीधी पड़ रही है और सोलर रेडिएशन पर्याप्त हो रहा है। यही वजह है कि दिन का तापमान सामान्य से भी ज्यादा बढ़ा हुआ है।
ओले तिरछे क्यों गिरे : पूर्वी हवाएं करीब 30 किमी की रफ्तार से चलीं। इस कारण आंवले के आकार के ओले 10 मिनट तक तेज गति से और तिरछे गिरे। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों पीएन बिरवा ने बताया, यदि हवा धीमी होती तो छोटे आकार के ओले देर तक गिरते।
हल्की बारिश के आसार, तापमान में एक डिग्री गिरावट की संभावना : भोपाल सहित कई इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। इसके बावजूद दिन और रात के तापमान में एक डिग्री की गिरावट की संभावना है। एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) आ रहा है। यह 24 फरवरी को जम्मू कश्मीर से टकराएगा। ऐसे में शनिवार को बूंदाबांदी के आसार हैं।