नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि उसके तीन दर्जन बडे नेताओं की जासूसी हो रही है। यहां तक कि बंगलों से निकलते ही पीछा शुरु हो जाता है। अगर कांग्रेस कार्यकर्ता या बंगलों में तैनात कर्मचारी शक होने पर पूछताछ करते हैं तो तत्काल चेहरा बदल जाता है, लेकिन जासूसी और पीछा करना जारी रहता है।
अहमद पटेल, पीसी चाको ने कहा हार की बौखलाहट में भाजपा कर रही है सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग
इस बारे में अहमद पटेल, पीसी चाको ने आरोप लगाया है कि जासूसी के इस खेल में सरकारी तंत्र के अलावा प्राइवेट जासूसों की भी मदद ली जा रही है। इस वजह से कई नेताओं को अपने फोन नंबर तक बदलने पड़े हैं। कुछ नेता ऐसे भी हैं जो अपने ड्राइवर या किसी दूसरे सहायक के फोन से बातचीत कर रहे हैं। जासूसी के डर से फोन पर इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है।
माना जा रहा है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर आयकर विभाग के छापों से कांग्रेस पार्टी में भय का माहौल बन गया है। कई नेताओं के घरों के आसपास संदिग्ध लोग घूमते हुए देखे गए हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का दावा है कि अकबर रोड, तुगलक रोड और मदर टेरेसा क्रीसेंट रोड पर ऐसी गतिविधियां बढ़ गई हैं। सफदरजंग रोड, साउथ एवेन्यू और लोधी गार्डन में रहने वाले नेताओं के आवास से गाड़ी बाहर निकलते ही उसका पीछा शुरु हो जाता है। गत मंगलवार को यहीं के एक आवास से जब दो गाड़ियां एयरपोर्ट के टी-1 टर्मिनल के लिए निकली तो उनका एयरपोर्ट के बाहर तक पीछा किया गया। पीछा कर रही दोनों गाड़ियों डिजायर और इनोवा पर कॉमर्शियल वाहन की नंबर प्लेट लगी थी।
संदिग्ध लोग सुरक्षा कर्मियों से पूछते हैं कि नेता जी घर पर हैं। आगे से जवाब मिलता है नहीं। इसके बाद वे कहते हैं कि हम नेता जी के गृह जिले से आएं हैं। अच्छा तो यह बता दो कि वे कब आएंगे। नेता जी इस वक्त दिल्ली में और कहां पर जा सकते हैं। उन लोगों की बातों से यह साफ जाहिर हो रहा था कि वे किसी सरकारी एजेंसी या प्राइवेट जासूसी एजेंसी के कर्मचारी हैं।
ऐसा नहीं है कि ये लोग एक ही बार आते हैं और चले जाते हैं। कुछ ही घंटे बाद जैसे ही आवास से कोई गाड़ी बाहर जाती है या अंदर आती है तो कोई दूसरा जासूस मुख्य गेट पर पहुंच जाता है। कोई पहचान पत्र दिखाने के लिए बोलो तो कहते हैं कि हम उनके अपने गृह जिले से आए हैं। नेता बहुत अच्छे से हमें पहचानते हैं। कोई बात नहीं, हम शाम को आ जाएंगे।
कांग्रेस सांसद अहमद पटेल ने कहा, हम जानते हैं कि हमारे नेताओं के फोन टेप हो रहे हैं। उन पर नजर रखी जा रही है। यह सब राजनीतिक द्वेष के चलते हो रहा है। भाजपा अपनी हार को सामने देखकर बौखला गई है। भाजपा जांच एजेंसियों की मदद से विपक्षी दलों को परेशान कर रही है।
कांग्रेस नेता पीसी चाको कहते हैं, भाजपा हमारे नेताओं को परेशान करने के लिए हर तरह का हथकंडा अपना रही है। मोदी का कार्यकाल खत्म होने वाला है। मई के बाद आपको देश में दूसरी सरकार देखने को मिलेगी। इस मामले में रणदीप सुरजेवाला ने कहा, यह भाजपा और उनके नेताओं की पुरानी आदत है। बौखलाहट में वे ऐसा करते हैं।
यहां रखी जा रही है नजर
फिलहाल जिन नेताओं के यहां निगरानी रखी जा रही है, उनमें मदर टेरेसा क्रीसेंट रोड, बीकेएस मार्ग पर एमएस फ्लैट, साउथ एवेन्यू में तीन नेताओं के आवास, लोधी रोड एस्टेट पर रहने वाले दो नेता, लोधी एस्टेट में तीन आवास, सफदरजंग रोड, अकबर रोड, जीआरजी रोड नई दिल्ली, तीन मूर्ति लेन और लोधी गार्डन आदि शामिल हैं।
अहमद पटेल, पीसी चाको ने कहा हार की बौखलाहट में भाजपा कर रही है सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग
इस बारे में अहमद पटेल, पीसी चाको ने आरोप लगाया है कि जासूसी के इस खेल में सरकारी तंत्र के अलावा प्राइवेट जासूसों की भी मदद ली जा रही है। इस वजह से कई नेताओं को अपने फोन नंबर तक बदलने पड़े हैं। कुछ नेता ऐसे भी हैं जो अपने ड्राइवर या किसी दूसरे सहायक के फोन से बातचीत कर रहे हैं। जासूसी के डर से फोन पर इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है।
माना जा रहा है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर आयकर विभाग के छापों से कांग्रेस पार्टी में भय का माहौल बन गया है। कई नेताओं के घरों के आसपास संदिग्ध लोग घूमते हुए देखे गए हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का दावा है कि अकबर रोड, तुगलक रोड और मदर टेरेसा क्रीसेंट रोड पर ऐसी गतिविधियां बढ़ गई हैं। सफदरजंग रोड, साउथ एवेन्यू और लोधी गार्डन में रहने वाले नेताओं के आवास से गाड़ी बाहर निकलते ही उसका पीछा शुरु हो जाता है। गत मंगलवार को यहीं के एक आवास से जब दो गाड़ियां एयरपोर्ट के टी-1 टर्मिनल के लिए निकली तो उनका एयरपोर्ट के बाहर तक पीछा किया गया। पीछा कर रही दोनों गाड़ियों डिजायर और इनोवा पर कॉमर्शियल वाहन की नंबर प्लेट लगी थी।
संदिग्ध लोग सुरक्षा कर्मियों से पूछते हैं कि नेता जी घर पर हैं। आगे से जवाब मिलता है नहीं। इसके बाद वे कहते हैं कि हम नेता जी के गृह जिले से आएं हैं। अच्छा तो यह बता दो कि वे कब आएंगे। नेता जी इस वक्त दिल्ली में और कहां पर जा सकते हैं। उन लोगों की बातों से यह साफ जाहिर हो रहा था कि वे किसी सरकारी एजेंसी या प्राइवेट जासूसी एजेंसी के कर्मचारी हैं।
ऐसा नहीं है कि ये लोग एक ही बार आते हैं और चले जाते हैं। कुछ ही घंटे बाद जैसे ही आवास से कोई गाड़ी बाहर जाती है या अंदर आती है तो कोई दूसरा जासूस मुख्य गेट पर पहुंच जाता है। कोई पहचान पत्र दिखाने के लिए बोलो तो कहते हैं कि हम उनके अपने गृह जिले से आए हैं। नेता बहुत अच्छे से हमें पहचानते हैं। कोई बात नहीं, हम शाम को आ जाएंगे।
कांग्रेस सांसद अहमद पटेल ने कहा, हम जानते हैं कि हमारे नेताओं के फोन टेप हो रहे हैं। उन पर नजर रखी जा रही है। यह सब राजनीतिक द्वेष के चलते हो रहा है। भाजपा अपनी हार को सामने देखकर बौखला गई है। भाजपा जांच एजेंसियों की मदद से विपक्षी दलों को परेशान कर रही है।
कांग्रेस नेता पीसी चाको कहते हैं, भाजपा हमारे नेताओं को परेशान करने के लिए हर तरह का हथकंडा अपना रही है। मोदी का कार्यकाल खत्म होने वाला है। मई के बाद आपको देश में दूसरी सरकार देखने को मिलेगी। इस मामले में रणदीप सुरजेवाला ने कहा, यह भाजपा और उनके नेताओं की पुरानी आदत है। बौखलाहट में वे ऐसा करते हैं।
यहां रखी जा रही है नजर
फिलहाल जिन नेताओं के यहां निगरानी रखी जा रही है, उनमें मदर टेरेसा क्रीसेंट रोड, बीकेएस मार्ग पर एमएस फ्लैट, साउथ एवेन्यू में तीन नेताओं के आवास, लोधी रोड एस्टेट पर रहने वाले दो नेता, लोधी एस्टेट में तीन आवास, सफदरजंग रोड, अकबर रोड, जीआरजी रोड नई दिल्ली, तीन मूर्ति लेन और लोधी गार्डन आदि शामिल हैं।