नई दिल्ली। दिल्ली के अनाज मंडी इलाके में स्थित चार मंजिला बिल्डिंग में रविवार तड़के आग लगने से 44 लोगों की मौत हो गई। 14 का इलाज एलएनजेपी, आरएमएल और लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल में चल रहा है। आग की सूचना मिलने पर दमकल, एनडीआरएफ और पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। यहां से करीब 60 लोगों को निकाला गया। सबसे ज्यादा 49 घायलों को एलएनजेपी लाया गया। यहां 35 को मृत घोषित कर दिया गया। यहां के डायरेक्टर किशोर सिंह ने बताया कि ज्यादातर मौतें दम घुटने से हुईं। अन्य मरीजों के लिए इमरजेंसी सेवाएं बंद की गईं।
एलएनजेपी हॉस्पिटल में घायलों को लाने का सिलसिला 4 घंटे तक चलता रहा। एनडीआरएफ की टीमें टुकड़ों-टुकड़ों में 6 से 10 बजे तक घायलों को लाती रहीं। डॉक्टरों ने बताया कि 49 में से 34 लोगों की मौत हॉस्पिटल लाने से पहले ही हो चुकी थी। एक की मौत इलाज के दौरान हुई।
इस बीच घायलों के परिजन भी अस्पताल में जुटने लगे। उन्होंने बताया कि अस्पताल से कोई जानकारी नहीं मिल रही है और न ही अंदर घुसने दिया जा रहा है। एलएनजेपी अस्पताल में करीब 50 लोग अपने परिजन की जानकारी लेने के लिए जमा हैं। सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के करीब 100-150 जवान यहां तैनात हैं।
आग लगने पर तुरंत कमरे की खिड़की खोलकर सांस लेने लगे: घायल
आग में झुलसे मोहम्मद मुस्तफा ने अपने रिश्तेदार अलाउद्दीन को बताया कि 3 बजे तक तो हम फिल्म ही देख रहे थे, लेकिन 4.30 के बाद जब अचानक नींद खुली तो देखा कि आग लग चुकी थी। निकलने की जगह नहीं थी। हम लोग एक कोने वाले कमरे की ओर भागे और वहां खिड़की खोलकर सांसें लेने लगे। एक अन्य मरीज के रिश्तेदार ने बताया कि आग की सूचना मिलने पर सब भागे, भगदड़ मची और मारे गए।
