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आदिवासी उपयोजना क्षेत्र में बने 20 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास

भोपाल। प्रदेश के आदिवासी उपयोजना क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में 20 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास बनाये गये। इस कार्य पर 1350 करोड़ रूपये से अधिक की राशि खर्च की गई। इसी तरह, निर्मल भारत अभियान के अन्तर्गत आदिवासी बहुल गाँवों में 2 लाख 63 हजार से अधिक अनुसूचित जनजाति परिवारों के घरों में शौचालयों का निर्माण किया गया, जिस पर करीब 172 करोड़ रूपये की राशि खर्च की गई।

राज्य सरकार ने आदिवासी उपयोजना क्षेत्र में स्व-रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के मकसद से मात्र एक साल में 5 हजार 693 अनुसूचित जनजाति स्व-सहायता समूहों को 7 करोड़ रूपये से अधिक की राशि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से उपलब्ध कराई है। इसी के साथ 949 स्व-सहायता समूहों को सामुदायिक निवेश के रूप में करीब साढ़े 6 करोड़ रूपये की राशि प्रदान की गई। इन क्षेत्रों के 16 हजार 744 हितग्राहियों के स्व-सहायता समूहों को बैंक लिंकेज भी कराया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण
प्रदेश के 89 आदिवासी विकासखण्डों में पिछले एक वर्ष में 368 करोड़ अधिक की राशि खर्च कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 4521 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कराया गया। इन क्षेत्रों में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के अन्तर्गत 245 करोड़ रूपये से अधिक की राशि खर्च कर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 15 लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया।
सिचाईं रकबा बढ़ाने 50 हजार से अधिक कार्य
आदिवासी उपयोजना क्षेत्र में पिछले वर्ष सिचाई रकबे में वृद्धि के लिये डेम रिहेबिलिटेशन एण्ड इम्प्रूवमेंट परियोजना में 50847 कार्य कराये गये। आदिम जाति कल्याण विभाग ने डिण्डोरी मध्यम सिचाई, करंजिया मध्यम सिंचाई, हिरवार सूक्ष्म सिंचाई, माही, मुर्की, परकुल और कारम परियोजना, लोअर खरमोर के साथ सिंचाई से जुड़े अन्य निर्माण कार्यों पर 90 करोड़ रूपये की राशि खर्च की।