भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में विकास का यज्ञ फिर शुरू हो गया है। प्रदेश के विकास के लिए अनेक योजनाएँ बनाई गई हैं, जरूरत पड़ने पर और भी योजनाएँ बनाई जाएंगी। हम समृद्ध और विकसित मध्यप्रदेश बनाएंगे। आज सागर के विकास के लिए बैठक की है। केवल सागर ही नहीं, पूरे प्रदेश का विकास सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान सागर के खेल परिसर के समीप मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदेश के 20 लाख किसानों को सिंगल क्लिक से 400 करोड़ रूपये के हितलाभ अंतरण के राज्य-स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि फरवरी और मार्च में भी 400-400 करोड़ रूपये किसानों के खातों में डाले जाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 430 करोड़ रूपये के कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया।
कार्यक्रम में लोक निर्माण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री गोपाल भार्गव, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत, कृषि मंत्री श्री कमल पटेल, पशुपालन मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल, सांसद श्री राजबहादुर सिंह, पूर्व सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, सागर विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, नरयावली विधायक श्री प्रदीप लारिया, बीना विधायक श्री महेश राय सहित अन्य जन-प्रतिनिधि मंचासीन थे।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू कर किसानों के खाते में 6-6 हजार रूपये डालने की शुरूआत की थी। तत्कालीन सरकार ने किसानों की सूची केन्द्र को नहीं भेजी थी। हमने सरकार में आते ही 78 लाख किसानों की सूची भेजी और यह निर्णय लिया कि किसानों के खातों में दो किस्तों में 4 हजार रूपये अतिरिक्त डाले जाएं। सरकार ने किसानों के खातों में राशि डालने में कोई भेदभाव नहीं किया है। चाहे आधा एकड़ का किसान हों या एक एकड़ का, सभी को दोनों योजनाओं में साल में 10 हजार रूपये खाते में डाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में तंगी होने के बावजूद भी अलग-अलग योजनाओं में 85 हजार करोड़ रूपये किसानों और अन्य हितग्राहियों के खाते में डाले गए। श्री चौहान ने कहा कि किसान भाई चिंता न करें। कर्ज माफी के दौरान उनके सिर पर ब्याज का जो बोझ आ गया है, वह सरकार चुकाएगी।
