मैनेजर सहित स्टॉफ के कई लोगों पर प्रताड़ना का आरोप, शव नहीं ले जाने पर अड़े रहे हम्माल, भाजपा जिलाध्यक्ष ने दिया कार्रवाई कराने का आश्वासन तो माने, मृतक के बच्चे हुए अनाथ
ब्यावरा। स्थानीय वेयर हाऊस एवं लॉजिस्टिक कार्पोरेशन की शाखा में कमीशन खोरी और मनमानी किस प्रकार हावी हो चुकी है। इसका प्रमाण देने के लिए शहर के एक हम्माल को आत्महत्या करनी पड़ी। जानकारी के अनुसार स्थानीय स्थानीय वेयर हाऊस एवं लॉजिस्टिक कार्पोरेशन में पिछले 20 सालों से हम्माली करने वाले रामप्रसाद कुशवाह ने अपने घर मे फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि स्थानीय वेयर हाऊस एवं लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के मैनेजर और अन्य लोगों ने मिलकर रामप्रसाद को प्रताड़ित किया था। साथ ही उसे बिना किसी कारण बताए काम से बंद भी कर दिया था। हम्माल द्वारा आत्महत्या की जानकारी स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को उतारकर पंचनामा बनाया।
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| हम्मालों ने किया हंगामा, शव को उठाने नहीं दिया, भाजपा जिलाध्यक्ष दिलवर यादव ने समझाया। |
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| मृतक हम्माल रामप्रसाद कुशवाह। |
साथ ही पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। मृतक के साथी हम्मालों ने मौके पर जमकर हंगामा किया और शव को ले जाने से मना किया। इसके बाद घटना स्थल पर पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष दिलवर यादव ने हम्मालों को समझाया और मामले में कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद हम्माल माने। इस मामले में अन्य हम्मालों ने शाखा के मैनेजर सहित दर्जन भर से अधिक लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
काम से हटाया तो एसडीएम को दिया था आवेदन
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| मृतक के विकलांग बच्चे। |
मृतक के साथी हम्माल एवं भतीजे जमनालाल ने बताया कि बीते दिनों मैनेजर नरेश सिंह तोमर, कर्मचारी नैनसिंह, विजयपाल सिंह ने अवैध तरीके से गेहूं के वाहन भरकर रात को भेज दिए। जिसके बारे में मृतक रामप्रसाद एवं हम हम्मालों ने पूछ लिया। इसके बाद हमें काम से बंद कर दिया और नए लोगों को काम पर लगा लिया। मृतक ने इस बारे में एसडीएम को भी आवेदन दिया। मैनेजर सहित अन्य लोगों ने 9 हम्मालों को काम से हटाया जो वर्षों से काम कर रहे थे। जबकि इनके स्थान पर नए लोगों को काम पर रख लिया। मृतक भी इसी बात से परेशान था और मैनेजर सहित अन्य लोगों से रोज गुहार लगा रहा था। जमनालाल ने आरोप लगाया कि मैनेजर नरेश तोमर, कर्मचारी नैनसिंह, विजयपाल, गब्बर जाटव, रामप्रसाद गवली, डालचंद, गिन्दू धनगर, कालू धनगर आदि की प्रताड़ना से प्रताड़ित होकर रामप्रसाद ने आत्महत्या की है। इस सब पर कार्रवाई होनी चाहिए।
बेसहारा हुए मृतक के चार बच्चे, तीन विकलांग
जानकारी के अनुसार मृतक रामप्रसाद की पत्नी का पिछले वर्षों निधन हो चुका था। उनके चार बच्चे है। जिसमें से तीन विकलांग है। अब रामप्रसाद के निधन के बाद सभी बच्चे बेसहारा हो चुके है। वे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने और वेयर हाऊस की हम्माली पर आश्रित होने और वहां से हटा देने के कारण कुछ दिनों से परेशान चल रहे थे। ऐसे में अधिकारी और कर्मचारियों की प्रताड़ना से प्रताड़ित होकर रामप्रसाद ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
इनका कहना है
मृतक हम्माल यहां कई सालों से काम कर रहा था। सभी हम्माल शव को ले जाने से मना कर रहे थे। मैनें मौके पर पहुंचकर समझाया। परिजनों और उसके साथियों ने प्रताड़ना का आरोप लगाया है। सभी दोषियों पर कार्रवाई होना चाहिए।
दिलवर यादव, जिलाध्यक्ष भाजपा।
इस मामले से हमारे विभाग का कोई लेना देना नहीं है। ये हम्माल प्राइवेट रहते है। इनका एक मुकद्दम होता है वह बदलता रहता है। इसमें मुझे षड्यंत्र लग रहा है।
नरेश सिंह तोमर, प्रबंधक वेयर हाऊस कॉर्पोरेशन।
इस मामले में मुझे पूर्व में शिकायत मिली थी। जिस पर प्रबंधक को नोटिस जारी किया था। लेकिन उनका जवाब नहीं आया। अब विषय गंभीर है इसलिए मामले की जांच कराएंगे। विभाग के जिला अधिकारियों से बात करेंगे। प्रबंधक को बुलाकर जवाब लेंगे।
जूही गर्ग, एसडीएम ब्यावरा।



