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कठोर चट्टानें नहीं तोड़ना पड़े ....इसलिए सीवरेज लाइन के ऊपर से निकाल दी नाला ट्रेपिंग की भारी पाइपलाइन

गणेश घाट-चकराघाट के बीच 400 मी. के पैच में कई जगह क्रॉस हुई नीचे बिछी सीवरेज  लाइन

सीवरेज वर्क  के ठेकेदार ने की निगम कमिश्नर एवं स्मार्ट सिटी सीईओ से शिकायत

भोपाल। लाखा बंजारा झील में नाला ट्रेपिंग का काम जारी है। ताजा जानकारी ये है कि झील के किनारे हाल ही में बिछाई गई सीवरेज लाइन के ऊपर से  कई जगह नाला ट्रेपिंग के पाइप बिछा दिए गए हैं। सूत्रों की मानें तो झील की सफाई कर रही कॉन्ट्रेक्टर फर्म मेसर्स अश्वथ इन्फ्राटेक ने यह सब कठोर चट्टानों को तोड़ने में लगने वाले श्रम व धन की बचत के लिए किया है! आचरण की टीम को मौके पर दिखी स्थिति के अनुसार गणेश घाट से भट्टो घाट के बीच करीब 400  मीटर की पट्टी में पहले से बिछी सीवरेज लाइन को नाला ट्रेपिंग की पाइपलाइन ने क्रॉस किया है। जानकारों का कहना है कि नाला ट्रेपिंग की पाइपलाइन के वजन के कारण भविष्य में सीवरेज लाइन को नुकसान पहुंच सकता है। 

२० से ज्यादा जगहों पर सीवरेज लाइन को क्रॉस कर दबाया

गणेश घाट व भट्टो घाट के बीच करीब २० ऐसे स्थान हैं। जहां नाला ट्रेपिंग के पाइपों ने सीवरेज की अंडरग्राउंड हो चुकी पाइपलाइन को क्रॉस किया है। यहां बता दें कि इस इलाके में नाला ट्रेपिंग के लिए ७०० मिमी डाया के आरसीसी पाइप बिछाए गए हैं। जो ठेकेदार फर्म अश्वथ इन्फ्राटेक के पूर्व में किए दावों के अनुसार काफी वजनी है। ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि इन पाइपों के कारण सीवरेज की लाइन डेमेज हो सकती है। इधर इस मामले की जानकारी सीवरेज की कॉन्ट्रेक्टर फर्म लक्ष्मी सिविल इंजीनियरिंग सर्विसेस ने नगर निगम कमिश्नर आरपी अहिरवार व स्मार्ट सिटी कंपनी लिमि. सागर के सीईओ राहुलसिंह राजपूत को दी है। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई है। 

गहराई और अलॉयमेंट की बात बोलकर चूक छिपाने में जुटे

एक-दूसरे की लाइनें क्रॉस करने के इस मामले में सीवरेज व नाला ट्रेपिंग के कॉन्ट्रेक्टर्स अब अपनी-अपनी चूक छिपाने में जुट गए हैं। उदाहरण के लिए सीवरेज कॉन्ट्रेक्टर मेसर्स लक्ष्मी सिविल का कहना है कि हमारी पाइपलाइन झील के ग्राउंड लेवल से २.५०-३ मीटर नीचे सीमेंट-कॉन्क्रीट के बेस में फिट है। इसलिए उस पर ऊपर दबाव से ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। जबकि लक्ष्मी सिविल खुद ही इस मामले की शिकायत ननि कमिश्नर व स्मार्ट सिटी के सीईओ से की है। दूसरी ओर सफाई ठेकेदार फर्म अश्वथ इन्फ्रा का कहना है कि हम लोग अलायमेंट के अनुसार ही काम कर रहे हैं। कुछेक जगह ग्रेविटी के कारण हमें सीवरेज की लाइन क्रॉस करना पड़ी। जिसके बारे में ननि व स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को जानकारी है।