मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के चुनाव को लेकर जीएडी का आदेश घंटेभर में ही निरस्त
भोपाल। मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के चुनाव को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग से जारी आदेश घंटेभर में ही निरस्त कर दिया गया। पहले जीएडी ने सुधीर नायक की अगुवाई में हो रहे चुनाव को निर्विघ्न करवाने के निर्देश प्रशासन और पुलिस को दिए थे। इसे नायक समर्थकों ने अपने पक्ष में बताया। हालांकि इस आदेश को जीएडी ने घंटेभर में ही निरस्त कर दिया, जिस पर सुभाष वर्मा पैनल ने अपनी जीत बताया। इसके पूर्व मंत्रालय कर्मचारी संघ के आॅफिस में तालाबंदी को लेकर जबर्दस्त हंगामा मचा और धरना दिया गया।
इसकी शुरूआत मंगलवार सुबह तब हुई, जब तालाबंद मंत्रालय कर्मचारी संघ कार्यालय के बगल में खाली पडेÞ स्वास्थ्य परीक्षण कक्ष में सुधीर नायक पैनल के निर्वाचन अधिकारी भगवान सिंह ने नामांकन फार्म जमा करवाना शुरू किए। इस पर जीएडी के निर्देश पर सुरक्षा अधिकारी मय पुलिस फोर्स के पहुंचे और कक्ष खाली करवाने लगे, जिसका विरोध शुरू हो गया और सुधीर नायक की अगुवाई में कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए धरना दिया। नतीजे में स्वास्थ्य क क्ष में ताला नहीं लगाया जा सका।
जीएडी का फरमान घंटेभर में ही निरस्त
निर्वाचन अधिकारी भगवान सिंह यादव ने जीएडी को पत्र लिखते हुए रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसायटी के निर्देश पर चुनाव करवाने और धमकियों के मद्देनजर उनको सुरक्षा की मांग की। इस पर उप सचिव माधवी नागेंद्र ने आदेश जारी कर दिया। इसमें सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन को निर्देश के साथ ही मंत्रालय के सुरक्षा अधिकारी को भी सहयोग के लिए कहा गया था। इसकी भनक लगते ही सुभाष वर्मा की पैनल सक्रिय हुई और जीएडी को बताया कि चुनाव तो 22 नवंबर को हो चुके हैं। वहीं रजिस्ट्रार फर्म्स का कोई आदेश चुनाव करवाने का नही है। आखिरकार जीएडी का आदेश घंटेभर में ही निरस्त करने का संशोधित आदेश जारी हो गया।
संघ के चुनाव 22 नवंबर होकर रजिस्ट्रार सहित जीएडी को सूचित किया जा चुका है। तब चुनाव नहीं लड़ने वाले अब अवैध चुनाव करवा रहे हैं, जिसका विरोध हो रहा है।
सुभाष वर्मा, निर्वाचित
बीते 14 दिसंबर के चुनाव बंद कमरे में होकर अवैध हैं। सही चुनाव 14 दिसंबर को होंगे, जिसके लिए प्रक्रिया जारी है। कर्मचारी हमारे साथ हैं, चुनाव में बाधा ड़ाली जा रही है।
सुधीर नायक, पूर्व अध्यक्ष