लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 का शुभारम्भ कार्यक्रम में लाडली लक्ष्मीयों का किया सम्मान
बेगमगंज। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने बेटियों की चिंता कर प्रदेश में सबसे पहले लाडली लक्ष्मी योजना प्रारंभ करके उनकी शिक्षा व विवाह की जिम्मेदारी ली तथा शासकीय नौकरियों में आरक्षण देकर हर क्षेत्र में बेटियों को आगे बढ़ाया और बेटियों ने भी अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवाया हैै आज हर कोई चाहता है कि उनके घर बेटी पैदा हो, अब बेटियां किसी भी परिवार के लिए अभिशाप नहीं रही, बल्कि उसे भगवान का वरदान मानते है, लाड़ली लक्ष्मी योजना ने बेटियों को समाज में मान-सम्मान दिलाया है।
यह बात रविवार को नगर के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक रामपाल सिंह ने कही।
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| महिलाओं को संबोधित करते हुए एवं लाडली लक्ष्मी योजना को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए का |
उन्होंने कहा कि लाडली लक्ष्मी सिर्फ योजना नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है। लाडली लक्ष्मी बेटियां मध्यप्रदेश को आगे ले जाने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद है कि उन्होंने बालिका सशक्तिकरण की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 का शुभारंभ किया है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कन्या पूजन किया एवं लाडली लक्ष्मी बेटियों का रामपाल सिंह द्वारा तिलक एवं पुष्पमाला पहनाकर उनका का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इसके तत्पश्चात क्षेत्रीय विधायक रामपाल सिंह, अनुविभागीय अधिकारी अभिषेक चौरसिया, सिलवानी एसडीओपी पुलिस राजेश तिवारी, टीआई राजपाल सिंह जादौन, नगर मंडल अध्यक्ष कमल सिंह साहू, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष जगदीश लोधी, जिला मीडिया प्रभारी हरि साहू, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष गायत्री नगरिया, नगर मंडल महिला मोर्चा अध्यक्ष कु. राजकुमारी शाक्या, पं. बसंत शर्मा, सविता भार्गव, सुश्री ज्योति श्रीवास्तव, राकेश भार्गव, शारिक शाह खान ने कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 का शुभारम्भ का लाईव प्रसारण देखा।
महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक प्रेम बाई पंथी ने जानकारी देते हुए बताया कि 2007 से अभी तक बालिकाओं को लाली लक्ष्मी से लाभान्वित किया गया है वही कक्षा 6 से 12 वीं में प्रवेश पर 1926 बालिकाओं को छात्रवृत्ति की राशि सीधे उनके खाते में डाली गई है। लाडो अभियान के माध्यम से बाल विवाह की रोकथाम की गई है बालिकाओं के जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच के कारण लिंगानुपात में सुधार हुआ है वही शैक्षणिक चित्र के साथ ही स्वास्थ्य की स्थिति में भी सुधार हुआ है।
इस अवसर पर पंडित लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी, पुष्पेंद्र सिंह ठाकुर, डॉ जितेंद्र तोमर, गुलाब रजक, संदीप लोधी, शहादत अली, हरिनारायण लोधी, राजेश घोषी, बद्री विशाल गुप्ता, शोभा रामनगरिया, परसोत्तम कुशवाहा, अमर सिंह शाक्य, बृजेश लोधी, भतन घोसी, आदर्श शर्मा, बिट्टू जैन, प्रताप ठाकुर, ओमकार यादव समेत बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं महिला बाल विकास की कार्यकर्ता उपस्थित रही।


