- पीठ पर गोली लगने से गंभीर घायल डिप्टी रेंजर राकेश शर्मा और महिलाकर्मी सावित्री को जिला अस्पताल रायसेन से एम्स भोपाल रैफर किया गया
रायसेन। रायसेन जिले में वनविभाग की अमरावद नर्सरी में मंगलवार दोपहर बाद ड्यूटी पर तैनात डिप्टी रेंजर राकेश शर्मा और एक महिला श्रमिक सुमन बाई (सावित्री) को दिन-दहाडे गोली मार दी गई। इससे गंभीर घायल डिप्टी रेंजर और महिला को जिला अस्पताल से एम्स भोपाल रैफर कर दिया गया है। वहीं गोली मारने का आरोपी पूरन उर्फ गुड्डा लोधी वहीं नर्सरी में एक पेड़ पर फांसी पर झूल गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर बाद अमरावद नर्सरी में आरोपी गुड्डा पहुंचा, जहां उसका डिप्टी रेंजर राकेश शर्मा से विवाद हुआ। इसके बाद आरोपी ने डिप्टी रेंजर और महिला दैनिक कर्मचारी सुमन बाई को देसी कट्टे से गोली मार दी। एक अन्य कर्मचारी डालचंद लेट गया, जिससे गोली उसके ऊपर से निकल गई और वह बच गया। गोलियों के धमाके से नर्सरी में अफरा तफरी मच गई, जबकि गोली लगने से डिप्टी रेंजर और महिला कर्मी वहीं गिर पडे। मौके पर पहुंची पुलिस ने देसी कट्टा सहित गोलियों के खोल बरामद कर लिए है।
गोली मारने के बाद आरोपी गुड्डा वहां से भागा नहीं, बल्कि नर्सरी में एक पेड़ पर चढ़कर फांसी का फंदा बनाकर गले में डाल कर कूट गया। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी गुड्डा भी नर्सरी में श्रमिक था और लंबे समय से कार्यरत था। बाद में किसी विवाद के चलते डिप्टी रेंजर राकेश शर्मा ने गुड्डा को नौकरी से निकाल दिया था। तब से ही गुड्डा रंजिश रखता था और वहीं घूमता रहता था।
घायल डिप्टी रेंजर और महिला कर्मी सुमनबाई के जिला अस्पताल पहुंचने के बाद डीएफओ रायसेन प्रतिभा शुक्ला और अन्य वन अधिकारी पहुुंच गए। वन सरंक्षक भोपाल संभाग क्षितिज कुमार के अनुसार अमरावद नर्सरी के प्रभारी डीएफओ विजय कुमार सुंडा हैं। जोकि भोपाल स्थित वन विहार संचालक और भोपाल पर्यावरण वानिकी के भी प्रभार में हैं।
विस्तृत जांच से पता चलेगी गोलीकांड की सच्चाई
रायसेन जिला पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के अनुसार गोलीकांड की सूचना मिलते ही एडीशनल एसपी के साथ पुलिस टीम अमरावद नर्सरी पहुंची और पेड़ पर लटकी आरोपी की लाश को उतार कर पीएम के लिए भिजवाया गया। वहीं मौके से कट्टे को बरामद कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में नौकरी से निकालने की वजह बताई गई है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि असली कारण क्या हैं।
