- मुरैना के मृगपुरा वृत्त के राजस्व निरीक्षक राकेश जैन ने 500 रुपए एडवांस लेकर बाकी एक हजार रुपए के मिलने के बाद ही प्रमाण पत्र बनाने पर अडे थे
मुरैना। जाति प्रमाण पत्र बनवाने के बदले 500 रुपए एडवासं रिश्वत लेकर बाकी एक हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने मुरैना के राजस्व निरीक्षक को रंगे हाथों पकड़ा है। इसके साथ ही रिश्वतखोर राजस्व निरीक्षक के पास लंबित कामों की फाइलों को खंगाला जा रहा है। ताकि यह पता चल सके कि आखिर सारे दस्तावेज लगाने के बाद भी कितने मामले रिश्वत के लिए लटकाए गए थे।

महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख एवं उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के भ्रष्टाचार के विरूद्ध सख्त कार्यवाही किये जाने के निर्देश पर ग्वालियर लोकायुक्त इकाई की ट्रैप कार्यवाही की गई। इस बारे में लोकायुक्त ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता संतोष सिंह कुशवाहा पिता रामहेत कुशवाहा, व्यवसाय - किसान, उम्र 33 वर्ष, निवासी गोपियापुरा जिला मुरैना ने रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। इसमें बताया गया था कि उसके तीन बेटों के जाति प्रमाण पत्र बनाने के बदले में मृगपुरा वृत के राजस्व निरीक्षक राकेश जैन ने 2 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। मोल भाव करने के बाद मामला डेढ हजार रुपए में तय हो गया। तब राजस्व निरीक्षक ने एडवांस 500 रुपए ले लिए हैं और बाकी एक हजार रुपए रिश्वत में लेने के बाद ही प्रमाण पत्र बनाने की शर्त रखी। इस शिकायत का सत्यापन करने पर सही पाई गई, जिसके बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई।
एसडीएम मुरैना के कार्यालय में रिश्वत लेते पकड़ा गया
पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने ट्रैप टीम बनाई, जिसमें डीएसपी विनोद सिंह, निरीक्षक बलराम राजावत, निरीक्षक श्रीमति अंजली शर्मा, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र पवैया, हेमंत शर्मा, मनोज कुशवाहा, बलवीर, आरक्षक गण में राजेंद्र सिंह, विनोद शाक्य, राजीव तिवारी, रवि सिंह, अंकेश शर्मा और वाहन चालक विशंभर सिंह शामिल रहे। इस टीम ने लेन-देन वाली जगह एसडीएम आफिस मुरैना के द्वितीय तल की घेराबंदी कर ली। इसके बाद जैसे ही फरियादी संतोष सिंह कुशवाहा से रिश्वत के 1 हजार रुपए राजस्व निरीक्षक राकेश जैन पिता स्व. राजेंद्र जैन, उम्र 57 वर्ष, वर्तमान पदस्थापना- राजस्व व्रत मृगपुरा मुरैना एवं निवासी 2/248 रामनगर मुरैना को धर दबोचा। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध धारा 7, पीसी एक्ट 1988 ( संशोधित अधिनियम 2018) के अंतर्गत कार्यवाही की गई।