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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डिजिटल तकनीक से सुदृढ़ हो रही है आधुनिक पुलिसिंग, सूचना के त्वरित आदान-प्रदान से बदली तस्वीर

  • पुलिस में तकनीकी नवाचार विषय पर राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो द्वारा पुलिस मुख्यालय में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

भोपाल।   राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो ((SCRB), पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा पुलिस में तकनीकी नवाचार विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जिलों से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं उप पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों ने सहभागिता की।



कार्यशाला का उद्देश्य पुलिसिंग में आधुनिक तकनीकी प्रणालियों के उपयोग को बढ़ावा देना तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपराध अनुसंधान, नियंत्रण और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान को सुदृढ़ बनाना रहा। इस दौरान  Pending Crime Status, E-Rakshak App, Crime Analytical Dashboard, E-Vivechna, E-FIR, Zero FIR, Bail Application Management System (BAMS), eShakshya, eSummons-Warrant Module, Sandes App, Fingerprint System, NAFIS तथा  Cri-MAC  सहित विभिन्न तकनीकी प्रणालियों के उपयोग पर जानकारी दी गई। कार्यशाला में डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी उपयोग, टेबलेट्स के उपयोग तथा जिलों में प्रशिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया गया।




एडीजी जयदीप प्रसाद ने कहा- त्वरित सूचना से अपराध अनुसंधान प्रभावी और पारदर्शी

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जयदीप प्रसाद ने  ICJS (Inter-Operable Criminal Justice System)  के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि पुलिस, न्यायालय, जेल, अभियोजन, स्वास्थ्य एवं फॉरेंसिक विभागों के बीच त्वरित सूचना आदान-प्रदान से अपराध अनुसंधान अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनता है। उन्होंने अधिकारियों को आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ((AI ) एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग के साथ स्वयं को निरंतर अपडेट रखने के निर्देश दिए।




जिलों में प्रभावी उपयोग और मानीटरिंग हो: आईजी हरिनारायणचारी मिश्र

पुलिस महानिरीक्षक हरिनारायणचारी मिश्र ने अपने समापन संबोधन में कहा कि ICJS सहित आधुनिक तकनीकी प्रणालियों के प्रभावी उपयोग से आपराधिक न्याय प्रणाली अधिक त्वरित और पारदर्शी बन रही है। उन्होंने अधिकारियों से जिलों में इन तकनीकी प्रणालियों के प्रभावी उपयोग एवं नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।


वैज्ञानिक साक्ष्यों से जटिल मामलों का निराकरण: एआईजी ऋचा चौबे

सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती ऋचा चौबे ने अपने उद्बोधन में अपराध विवेचना में अंगुल चिह्न (फिंगरप्रिंट) साक्ष्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अनेक जटिल प्रकरणों के सफल अनावरण में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।


एआईजी दीपक ठाकुर ने बताया-तेज हो रहा है सूचनाओं का एक्सचेंज

सहायक पुलिस महानिरीक्षक दीपक ठाकुर ने  CCTNS, ICJS  सहित अन्य डिजिटल प्रणालियों के उपयोग की जानकारी देते हुए बताया कि इन तकनीकी प्लेटफॉर्मों के माध्यम से अपराध अनुसंधान, प्रकरणों की मॉनिटरिंग तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचना का त्वरित आदान-प्रदान अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

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