- महिलाओं ने भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना कर परिवार के कल्याण एवं दांपत्य जीवन की मंगलकामना की
सुहागिन महिलाओं ने पीपल वृक्ष का पूजन कर उस पर कच्चा सूत कलावा बांधा तथा 108 बार परिक्रमा लगाई। महिलाओं ने भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना कर परिवार के कल्याण एवं दांपत्य जीवन की मंगलकामना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार सोमवती अमावस्या पर पीपल पूजन और परिक्रमा का विशेष महत्व माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर पितरों की शांति की प्रार्थना की तथा वस्त्र, अन्न और भोजन का दान भी किया।
कई महिलाएं नर्मदा सहित प्रमुख तीर्थस्थलों पर स्नान के लिए पहुंचीं, जहां उन्होंने आस्था की डुबकी लगाकर दान-पुण्य किया। सोमवती अमावस्या के साथ पुरुषोत्तम मास का समापन भी हुआ।
इसके साथ ही पिछले एक माह से विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों पर लगा विराम समाप्त होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और आगामी 19 जून से पुनः शुभ मांगलिक कार्यों का शुभारंभ होगा।
पूरे दिन कॉलोनी में भक्ति एवं श्रद्धा का वातावरण बना रहा। महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली और समाज में सुख-शांति की कामना की।
