- बहुमत न होने के बावजूद भाजपा द्वारा राज्यसभा में तीसरा उम्मीदवार उतारना लोकतंत्र का सरेआम चीरहरण
- मीनाक्षी नटराजन जैसी ईमानदारी और शुचिता की प्रतीक नेता को रोकने भाजपा रच रही खरीद-फरोख्त की साजिश
सागर । प्रदेश कांग्रेस महासचिव रेखा चौधरी ने मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में भाजपा द्वारा अतिरिक्त उम्मीदवार उतारे जाने पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जारी एक विस्तृत बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी का 'नारी शक्ति वंदन' और महिला आरक्षण का नारा पूरी तरह से खोखला और चुनावी ढोंग है। जब धरातल पर एक योग्य, ईमानदार और जन-सरोकारों से जुड़ी महिला को संसद भेजने की बात आती है, तो भाजपा अपने सारे कथित सिद्धांतों को ताक पर रख देती है। रेखा चौधरी ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा के पास तीसरा राज्यसभा सांसद बनाने के लिए स्पष्ट रूप से 8 से 10 विधायकों की कमी है। इसके बावजूद भाजपा ने जानबूझकर अपना तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारा है। यह कदम साफ तौर पर इस बात का संकेत है कि भाजपा लोकतांत्रिक मर्यादाओं का गला घोंटकर, धनबल और दबाव की राजनीति के दम पर चुनाव जीतना चाहती है।

सुश्री मीनाक्षी नटराजन के बेदाग और सादगीपूर्ण जीवन से डरी भाजपा
प्रदेश महासचिव रेखा चौधरी ने सुश्री मीनाक्षी नटराजन की कार्यप्रणाली और उनके व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा, "मीनाक्षी जी देश की राजनीति में पूज्य महात्मा गांधी की विचारधारा को आत्मसात करते हुए सादगी, वैचारिक शुचिता और ईमानदारी की प्रतिमूर्ति हैं। उनकी कार्यप्रणाली हमेशा जमीन से जुड़ी रही है, जहाँ उन्होंने वीआईपी संस्कृति को नकार कर हमेशा एक आम नागरिक और सच्चे जनसेवक की तरह काम किया है। उनका बेदाग राजनीतिक जीवन और विनम्र व्यवहार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।"
उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस पार्टी ने ऐसी वरिष्ठ, जमीनी और प्रखर महिला नेता को अपना प्रत्याशी बनाकर महिलाओं के वास्तविक सम्मान को रेखांकित किया है। लेकिन भाजपा एक ऐसी सशक्त और वैचारिक रूप से मजबूत महिला को संसद में पहुंचने से रोकने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। भाजपा की यह कूटनीति न केवल महिला विरोधी है, बल्कि मध्य प्रदेश की जनता के जनादेश का भी अपमान है।"
क्या फिर लिखी जा रही है खरीद-फरोख्त की पटकथा?
कांग्रेस महासचिव रेखा चौधरी ने सीधे तौर पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि जब भाजपा के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है, तो वह किस नैतिक आधार पर यह चुनाव लड़ रही है? क्या एक बार फिर मध्य प्रदेश में लोकतंत्र को बंधक बनाने और विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) की पटकथा लिखी जा रही है? जो भाजपा सुश्री मीनाक्षी नटराजन जैसे शुचितापूर्ण व्यवहार वाले नेतृत्व का सामना वैचारिक रूप से नहीं कर सकती, वह अब अनैतिक रास्तों का सहारा ले रही है। भाजपा का यह कदम चुनावी गरिमा पर एक बड़ा कलंक है।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मध्य प्रदेश की जनता और कांग्रेस पार्टी भाजपा के इस अलोकतांत्रिक खेल को बखूबी समझ रही है। सदन से लेकर सड़क तक इस तानाशाही और महिला विरोधी मानसिकता का कड़ा विरोध किया जाएगा और जनता आने वाले समय में भाजपा के इस दोहरे चरित्र का करारा जवाब देगी।
रेखा चौधरी के इस त्वरित और तीखे बयान का वरिष्ठ महिला कांग्रेस नेत्रियों ने एकजुट होकर पुरजोर समर्थन किया है। इनमें प्रमुख रूप से जिला पंचायत सदस्य ज्योति पटेल, पूर्व जनपद अध्यक्ष आंचल आठिया, पार्षद व प्रदेश महिला कांग्रेस सचिव सीमा चौधरी, पार्षद संगीता अहिरवार, पार्षद नीलोफर अंसारी, रिचा सिंह, रोशनी खान, सुलेखा राय, शशि जाटव के साथ ही मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की वरिष्ठ महिला पदाधिकारी व पूर्व जनपद अध्यक्ष प्रमिला सिंह राजपूत, डॉ. किरण लता सोनी, रेखा सोनी, रजिया खान, ज्योति मलैया, रंजीता राणा, पुष्पा रैकवार और मीरा अहिरवार ने भी बयान का समर्थन करते हुए भाजपा की इस अलोकतांत्रिक रणनीति की कड़े शब्दों में निंदा की है।
