- संवैधानिक अधिकार है अनुकंपा नियुक्ति, नीतिगत निर्णय के नाम पर लिपिकों को सेवा से न निकाले सरकार
- मंत्रालय और फील्ड के बाबुओं के वेतन में अंतर को समाप्त करके एक समान काम तो एक समान वेतन की मांग
भोपाल। बाबुओं ने राजधानी की सड़क पर उतरते हुए समान काम तो समान वेतन के साथ ही अनुकंपा नियुक्ति वाले कर्मचारियों को सेवा से नहीं निकालने की मांग बुलंद की। इसके बाद उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को दो सूत्री ज्ञापन सौंपा गया।

दो सूत्री मांगों को लेकर लिपिकों ने की आवाज बुलंद
सोमवार दोपहर में समान कार्य के बदले समान वेतन की मांग और अनुकंपा नियुक्ति वालों को नौकरी से बाहर नहीं करने की दो सूत्री मांगों को लेकर मप्र लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ ने सतपुड़ा भवन के सामने जबर्दस्त प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद उपमुख्यमंत्री (वित्त) जगदीश देवड़ा को ज्ञापन सौंपा। इस पर देवड़ा ने लिपिकों की मांगेें सुनी और समाधान का भरोसा दिलाया।
मैदानी अमले को कम वेतन को लेकर सवाल
मप्र लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के सरक्षंक और वरिष्ठ कर्मचारी नेता महेश प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि समान कार्य के बदले समान वेतन संवैधानिक अधिकार है, जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट तक के स्पष्ट आदेश हैं। बावजूद मंत्रालय के लिपिकों को उच्च वेतन दिया जा रहा है और उन्हीं विभागों के मैदानी अमले को कम वेतन दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश में लिपिकों की वेतन विसंगति का सालों से निराकरण नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इसी तरह अनुकंपा नियुक्ति कृपा होती है, लेकिन अब कथित नीतिगत निर्णय लेकर अनुकंपा वालों को निकालने की तैयारी है। यह तत्काल रोका जाना चाहिए।

जायज मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की तैयारी
इस मौके पर कर्मचारियो को संघ के पदाधिकारियों ने साफ कहा कि अगर उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जाती है तो फिर प्रदेशव्यापी आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचेगा। संबोधित करने वालों में संघ के अमर सिंह राजपूत अध्यक्ष भोपाल, मुकेश चतुर्वेदी प्रांताध्यक्ष, संरक्षक महेशप्रसाद द्विवेदी, राकेश हजारे, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष संजय दुबे, संतोष तिवारी, संतोष शुक्ला, कोषाध्यक्ष किशन सिंह चौहान, कमलेश चौहान, महामंत्री प्रदीप पटेल, अरुण शर्मा, हरीष कुमार शुक्ला, अनील खम्परिया, बीएस तरेटिया, अरुण कदम, प्रवीण कुमार सोनी, यूनूस खान, अनिल श्रीवास्तव, रमेश वर्मा, अजय चौहान, प्रवीण श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव, श्रीमती ज्योति विजयवर्गीय, श्रीमती कविता गणेश, श्रीमती जूलिया, हर्षा ठाकुर, बीडी साहू, प्रदीप पांडेय, श्रीमती उरुषा रेहान, दीपक मिश्रा आदि शामिल थे।