
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों तथा उनकी कमजोरियों एवं चुनौतियों को पहचानने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बच्चों के व्यवहार, मानसिक स्थिति एवं स्वास्थ्य में होने वाले बदलावों को समय रहते समझकर उचित मार्गदर्शन प्रदान किया जा सकता है।
कार्यक्रम में बालिकाओं एवं अभिभावकों को गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा, बाल संरक्षण कानून, शिक्षा का महत्व तथा आत्मविश्वास बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं बच्चे एवं उनके माताये उपस्थित रहीं।