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पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा--मुख्यमंत्री जनता को सच बताएं, जमीन खरीदी घोटाले पर अपनी चुप्पी तोड़ें

  • पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने  कहा- यदि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने कुछ भी गलत नहीं किया है, तो उन्हें स्वयं सामने आकर जनता के सामने वस्तुस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए

भोपाल। 
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार से जुड़ी भूमि खरीदी को योजनाबद्ध तरीके से षड्यंत्रपूर्वक किया गया घोटाला बताया है। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रकाशित दस्तावेजों के साथ उजागर किए गए तथ्य बेहद गंभीर हैं| पारदर्शिता के लिहाज से इस पर मुख्यमंत्री की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।



अजय सिंह ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 में डॉ. मोहन यादव के मंत्री बनने के बाद से उनके परिवार द्वारा उज्जैन में लगभग 253 एकड़ जमीन खरीदी गई। गंभीर सवाल यह है कि ये जमीनें ठीक उन्हीं क्षेत्रों में या उनके आसपास क्यों हैं, जहां उज्जैन मास्टर प्लान लागू होने वाला है| इसके तहत करोड़ों रुपये के सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और नई सड़कें प्रस्तावित हैं| क्या मुख्यमंत्री के परिजनों को इन परियोजनाओं की जानकारी पहले से थी?

सिंह ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने कुछ भी गलत नहीं किया है, तो उन्हें स्वयं सामने आकर जनता के सामने वस्तुस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र ने मध्य प्रदेश के लैंड रिकॉर्ड्स के आधार पर 245 प्लॉट्स और कुल 335 एकड़ की होल्डिंग्स का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया है। इसमें मुख्यमंत्री, उनकी पत्नी, बेटे, भाइयों और अन्य रिश्तेदारों के नाम शामिल हैं| इस पर मुख्यमंत्री का मौन रहना संशय को और बढ़ाता है।

उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे हुए व्यक्ति के लिए नैतिकता सबसे बड़ा पैमाना है। मुख्यमंत्री पद की एक प्रतिष्ठा होती है। जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि क्या इस पूरे मामले में नियमों और नैतिक सिद्धांतों का पालन किया गया है? पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जो अकाट्य दस्तावेज सामने आए हैं, वे खारिज नहीं किए जा सकते।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से अपेक्षा की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करायें ताकि सच सामने आ सके। मुख्यमंत्री को इस संवेदनशील विषय पर अपनी रहस्यमयी चुप्पी तोड़नी चाहिए और जनता की अदालत में जवाब देना चाहिए।