डॉ. सतीश राजपूत ने बताया कि इस शिविर का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि पैसों की कमी के कारण कोई भी मरीज उपचार से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और आर्थिक कठिनाइयों को देखा, तभी प्रत्येक रविवार निःशुल्क शिविर शुरू करने का निर्णय लिया। प्रारंभ में लोगों का सहयोग सीमित था, लेकिन अब समाज के अनेक लोग इस जनसेवा अभियान से जुड़कर सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि "महिलाएं स्वस्थ होंगी तभी परिवार और समाज स्वस्थ होगा।" इसी सोच के साथ शिविर में विशेषज्ञ परामर्श, आवश्यक जांच और पात्र बीपीएल मरीजों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
शिविर में उपचार कराने आई राजगढ़ जिले की पचोर तहसील निवासी लीलाबाई ने बताया कि ऐसे सेवा भाव रखने वाले डॉक्टर समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बिना किसी शुल्क के बेहतर इलाज मिलना बड़ी राहत है और इससे लोगों का भरोसा भी बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि डॉ. सतीश राजपूत के जिला अस्पताल गुना में पदस्थ होने के बाद सरकारी अस्पताल में आमजन का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। उनकी कार्यशैली और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के कारण गुना सहित आसपास के पांच जिलों से भी मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। उनकी इस जनसेवा की सराहना जिला पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल भी कर चुकी हैं।
यह निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा अभियान तीन माह से अधिक समय से लगातार संचालित हो रहा है और अब तक बड़ी संख्या में महिलाओं को इसका लाभ मिल चुका है। डॉ. राजपूत का कहना है कि यदि अधिक चिकित्सक इस तरह की सामाजिक पहल से जुड़ें तो गरीब और जरूरतमंद मरीजों को और अधिक सहायता मिल सकेगी।
इस सेवा कार्य में टीम हेल्प का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। शिविर के सफल संचालन में शुभम जैन, लता, डॉ. अंजलि, अरविंद, विनोद सहित अन्य सहयोगियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।