
यश भारतीय ने बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा आखिर मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजने के लिए कैसे-कैसे 'चरित्रवान' लोगों को खोजकर लाती है? इसका उदाहरण देश पहले भी देख चुका है। मोदी सरकार में केंद्रीय विदेश मंत्री रहे एम. जे. अकबर को उस वक्त अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था, जब 20 से अधिक महिला पत्रकारों ने उनके घटिया व्यवहार और कारनामों को उजागर किया था। एम. जे. अकबर अपनी नाकामी छिपाने के लिए न्यायालय भी गए, लेकिन वहां से भी उन्हें लताड़ ही मिली। इसके बावजूद, भाजपा की केंद्र सरकार उन हिम्मतवर महिला पत्रकारों को सम्मान नहीं दिला पाई, जिन्होंने #MeToo अभियान के जरिए ऐसे मंत्री को त्यागपत्र देने पर मजबूर किया था।
यश भारतीय ने आगे कहा कि अब एक बार फिर अश्लीलता से जुड़े विवादित संबंधों के लिए चर्चित हरदीप पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा जा रहा है, जो भाजपा की कथनी और करनी के अंतर को साफ दर्शाता है।
'वन नेशन, वन इलेक्शन' का ढोल पीटने वाली भाजपा पर निशाना साधते हुए सपा राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा, "भाजपा एक तरफ देश में एक साथ चुनाव कराने की दुहाई देती है और दूसरी तरफ देश में सर्वाधिक उपचुनाव कराने की जिम्मेदार भी खुद भाजपा ही है। यह राज्यसभा चुनाव भी भाजपा की ही आंतरिक राजनीति और फैसलों के कारण जनता पर थोपा जा रहा है।"
समाजवादी पार्टी भाजपा से यह मांग करती है कि वह देश की जनता और विशेषकर महिलाओं को जवाब दे कि सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और सच की आवाज़ दबाने का काम क्यों किया जा रहा है।