- महाआरती एवं महाप्रसाद वितरण के साथ सामाजिक एकता और समरसता का संदेश, समाज के वरिष्ठ एवं सम्माननीय नागरिकों का किया गया स्वागत
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण रहा। उपस्थित समाजजनों ने महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन, विचारों और आदर्शों का स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिसके पश्चात महाप्रसाद वितरण किया गया।
महर्षि वाल्मीकि जी भारतीय संस्कृति और साहित्य के महान ऋषि तथा रामायण के रचयिता के रूप में पूजनीय हैं। उनका जीवन और कृतित्व समाज को ज्ञान, सदाचार, मर्यादा एवं मानवीय मूल्यों की प्रेरणा देता है। जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और समरसता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। समाज के वरिष्ठ नागरिकों का स्वागत एवं सम्मान करना उनके अनुभवों और योगदान के प्रति आदर व्यक्त करने का महत्वपूर्ण प्रयास रहा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में चंदन धनराज, ओमप्रकाश करोसिया, जीवन भंवर, गोविंद घेंघट, मिथुन धनराज, नरेश लोहत, नन्नू लाल, हर्ष लोहत, अंकित मारोठिया, आकाश करोसिया, आकाश अहिरवार, एवं सूरज केसरी, मनोज धनराज सहित अन्य समाजजनों और क्षेत्रीय लोगों की प्रमुख भूमिका रही।
आयोजन समिति, शिव वाल्मीकि मंदिर, करोंद चौराहा, भोपाल ने कार्यक्रम में शामिल सभी वरिष्ठजनों, समाजबंधुओं एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। महर्षि वाल्मीकि जयंती का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता, सम्मान और समरसता की भावना को आगे बढ़ाने वाला रहा।


