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जैविक खेती ने बदली आदिवासी अंचल की दिशा

रेलिक रिपोर्टर, झाबुआ.
 
प्रगति संस्था मेघनगर द्वारा संचालित जीविका परियजोना न सिर्फ एक परियोजना है बल्कि इस परियोजना में लोग सशक्त व सगठित किये जाते है और प्रबंधकीय तरीके से प्रशिक्षित होकर सम्मानजनक जीविका हेतु कार्य करते है। 


जैविक खेती ने बदली आदिवासी अंचल की दिशा
गरीब कृषकों के जीवन स्तर को सुधारने प्रगति संस्था कर रही मेहनत

जीविका परियोजना में हेडावाडी के तहत 226 लोगों ने पौधे लगाऐ, 75 किसानों को जैविक खेती पर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें से 50 किसानों ने इसे अपनाया। 50 किसानों ने बीज सुधार पद्धति अपनाकर हाटी मक्का का बीज लगाया। 12 किसानों ने कोदरा, रालों, बाजरा, कुरी, भादली, बावटा, हामली आदि छोटे बीजों को अपने खेतों में लगाया। 71 किसानों को आधुनिक खेती, हेड़ावाड़ी, बीज उत्पादन हेतु भ्रमण कराया गया। कुल 190 मृदा परीक्षण के लिये सेंपल दिये जिसमें से 150 किसानों ने परिणाम प्राप्त किये। किसान क्लबों की बैठकों (47) में 6580 किसानों ने भाग लिया। नेटवर्क द्वारा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग से 94 लोगों को बीज किट का लाभ दिलवाया गया।