बेंगलुरु
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) नेता रामविलास पासवान ने सोमवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर
के निर्माण के विषय पर अध्यादेश लाने का कोई प्रश्न ही नहीं है। उन्होंने
यह भी कहा कि सरकार इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करेगी।
पासवान ने यह भी दावा कि 2019 में फिर से नरेंद्र मोदी की ही सरकार बनेगी।
बेंगलुरु पहुंचे पासवान ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा, ‘मैं खुश हूं
कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में कहा कि सरकार राम मंदिर पर
सुप्रीम कोर्ट के फैसले की प्रतीक्षा करेगी और उसके अनुरूप कदम उठाएगी। यह
मामला यहीं बंद हो जाता है और ऐसे में संसद में कोई अध्यादेश या कानून लाने
का सवाल ही नहीं उठता है।’
सुप्रीम कोर्ट ने जज की अनुपस्थिति में टाली सुनवाई
पासवान से न्यायाधीश की अनुपलब्धता की वजह से रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद
मालिकाना विवाद मामले में हो रही देरी पर टिप्पणी मांगी गई थी। बता दें कि
सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद
मालिकाना विवाद मामले की 29 जनवरी की सुनवाई स्थगित कर दी क्योंकि पांच
सदस्यीय संविधान पीठ के एक जज उपलब्ध नहीं होंगे।
पासवान ने कहा, 'वैसे तो आरएसएस और बीजेपी
नेता राम मंदिर मुद्दा उठा रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री ने एक बार भी यह
मुद्दा नहीं उठाया है, जो अच्छा है।' पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को
भारत रत्न देने के विषय पर एलजेपी नेता ने कहा, ‘प्रणव मुखर्जी को भारत
रत्न के लिए चुने जाने पर विवाद का कोई प्रश्न नहीं होना चाहिए। पुरस्कार
सरकार घोषित करती है, न कि आरएसएस या बीजेपी। कुछ लोग कह रहे हैं कि उन्हें
यह पुरस्कार दिया गया क्योंकि वह आरएसएस के कार्यक्रम में गए थे। क्या यह
कोई मुद्दा है? अतीत में कई शीर्ष नेता भी आरएसएस के कार्यक्रम के गए थे।’
उन्होंने मोदी सरकार की सत्ता में वापसी का विश्वास जताया।
