हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के एक मामले में भोपाल नाॅर्थ के एसपी को 8 मार्च को केस डायरी के साथ हाजिर होने का आदेश दिया है। जस्टिस अतुल श्रीधरन की एकल पीठ ने यह आदेश सीएसपी शाहजहांनाबाद के केस डायरी के साथ हाजिर नहीं होने पर दिया है।
भोपाल वीआईपी रोड निवासी जीशान अली की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि उनका वर्ष 2016 में सिंडीकेट फायनेंस मुंबई के साथ 25 करोड़ रुपए के लोन के लिए एग्रीमेंट हुआ था। एग्रीमेंट के अनुसार प्रोसेसिंग अमाउंट के रूप में 50 लाख रुपए जमा करने के दस दिन के भीतर उसे लोन दे दिया जाएगा। उसने एग्रीमेंट के अनुसार प्रोसेसिंग अमाउंट के रूप में 50 लाख रुपए जमा कर दिए, लेकिन कंपनी की ओर से उसे लोन नहीं दिया गया। उसके 50 लाख रुपए भी वापस नहीं किए गए।
उसने कंपनी के संचालक नरेन्द्र दवे, जीएम एन कुमार, जिग्नेश शाह, शाईनी, एससी तिवारी और खान नामक व्यक्ति के खिलाफ धारा 406 और 420 की एफआईआर दर्ज कराई। अधिवक्ता विनोद कुमार मिश्रा ने तर्क दिया कि एफआईआर होने के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। एकल पीठ ने 21 दिसंबर 2018 को शाहजहांनाबाद सीएसपी को केस डायरी के साथ 4 फरवरी को हाजिर होने का आदेश दिया था।
सोमवार को सुनवाई के दौरान सीएसपी शाहजहांनाबाद कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। उनकी जगह एएसआई नरसिंह राजपूत बिना केस डायरी के हाजिर हुआ। एकल पीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भोपाल नाॅर्थ के एसपी को 8 मार्च को केस डायरी के साथ हाजिर होने का आदेश दिया है।
