विदिशा
भारत छोड़ो आंदोलन में जेल जाने वाले विदिशा के 91 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शरद पंडित का सोमवार रात निधन हो गया। मंगलवार दोपहर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके छोटे भाई नीलकंठ पंडित ने बताया कि 1972 में केंद्र सरकार ने स्वतंत्रता सेनानियों के लिए सम्मान निधि शुरू की, तब मेरे भाई सरकारी दफ्तर गए। तब एक क्लर्क ने 500 रुपए रिश्वत मांगी। इससे वे नाराज हो गए और कभी भी सरकारी लाभ नहीं लेने का संकल्प ले लिया। मरते दम तक उन्होंने और उनके बच्चों ने इस संकल्प को निभाया।
स्वतंत्रता सेनानी शरद पंडित का 91 वर्ष में निधन
फ़रवरी 06, 2019
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