भोपाल। मध्यप्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने कोरोना महामारी के कारण रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़े विपरीत प्रभाव को देखते हुए राहत देने का निर्णय लिया है। इसके मद्देनजर पंजीकृत परियोजनाओं को पंजीयन अवधि में गत 15 मार्च से 6 माह की छूट प्रदान की है। बिल्डर तथा ऐजेंट को रिटर्न जमा करने की तारीख भी 30 जून 2020 तक बढाई गई है। प्राधिकरण के इस निर्णय से प्रदेश की पंजीकृत करीब 3000 परियोजनाओं को लाभ मिलेगा। प्राधिकरण का यह निर्णय रियल एस्टेट सेक्टर को पुनर्जीवित करने में भी सहायक होगा।
उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्रालय भारत सरकार द्वारा गत 19 फरवरी को कोरोना त्रासदी को फोर्स मेज्योर की श्रेणी मे रखा गया है। साथ ही उद्योगों को इसके प्रभाव से निपटने के लिये अनेक राहत एवं छूट प्रदान की गई है। रिर्जव बैंक ने भी सभी बैंको को उनके द्वारा प्रदाय निश्चित अवधि के ऋण तथा मासिक ईएमआई के भुगतान पर भी तीन महीने की मोहलत दी है। आवासीय एवं नगरीय विकास मंत्रालय भारत सरकार के अधीन गठित केन्द्रीय सलाहकार समिति ने भी कोरोना त्रासदी के मद्देनजर प्रोजेक्ट के पंजीकृत को 6 माह का विस्तार देने की अनुंशसा की है। इस संबंध में सम्प्रवर्तकों की अनेक संस्थाओं ने भी प्राधिकरण को राहत देने के लिए अभ्यावेदन दिये थे।
उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्रालय भारत सरकार द्वारा गत 19 फरवरी को कोरोना त्रासदी को फोर्स मेज्योर की श्रेणी मे रखा गया है। साथ ही उद्योगों को इसके प्रभाव से निपटने के लिये अनेक राहत एवं छूट प्रदान की गई है। रिर्जव बैंक ने भी सभी बैंको को उनके द्वारा प्रदाय निश्चित अवधि के ऋण तथा मासिक ईएमआई के भुगतान पर भी तीन महीने की मोहलत दी है। आवासीय एवं नगरीय विकास मंत्रालय भारत सरकार के अधीन गठित केन्द्रीय सलाहकार समिति ने भी कोरोना त्रासदी के मद्देनजर प्रोजेक्ट के पंजीकृत को 6 माह का विस्तार देने की अनुंशसा की है। इस संबंध में सम्प्रवर्तकों की अनेक संस्थाओं ने भी प्राधिकरण को राहत देने के लिए अभ्यावेदन दिये थे।