नई दिल्ली। एशियन पेंट्स ने शुक्रवार को हैंड सैनिटाइजर के साथ ही फर्श साफ करने वाले उत्पादों को बनाने की घोषणा की। इसके लिए कंपनी ने विरोप्रोटेक नाम से श्रृंखला पेश की। एशियन पेंट्स ने कहा कि इस खंड में प्रवेश करने का मकसद कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए सरकारी प्रयासों में योगदान करना और हैंड सैनिटाइजर तथा फर्श सफाई उत्पादों की भारी जरूरत को पूरा करना है।कंपनी ने कहा कि सभी आवश्यक कानूनी मंजूरियां हासिल करने के बाद उत्पादों को गुजरात के अंकलेश्वर में मौजूदा संयंत्र में बनाया जा रहा है। मौके पर एशियन पेंट्स के प्रबंधन निदेशक और सीईओ अमित सिंग्ले ने कहा कि कंपनी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में काम कर रही है और इससे पहले उसने रोयाल हेल्थ शील्ड को बाजार में उतारा था, जो घरों को बैक्टीरिया से सुरक्षा प्रदान करता है।एशियन पेंट्स पहले ही कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए केंद्रीय और राज्य आपातकालीन राहत कोषों में 35 करोड़ दे चुकी है। इसके साथ ही कंपनी भोजन, मास्क और सैनिटाइजर देने के लिए कई गैर सरकारी संगठनों के साथ भी काम कर रही है।
एशियन पेंट्स ने सैनिटाइजर उत्पादों के क्षेत्र में रखा कदम
मई 01, 2020
नई दिल्ली। एशियन पेंट्स ने शुक्रवार को हैंड सैनिटाइजर के साथ ही फर्श साफ करने वाले उत्पादों को बनाने की घोषणा की। इसके लिए कंपनी ने विरोप्रोटेक नाम से श्रृंखला पेश की। एशियन पेंट्स ने कहा कि इस खंड में प्रवेश करने का मकसद कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए सरकारी प्रयासों में योगदान करना और हैंड सैनिटाइजर तथा फर्श सफाई उत्पादों की भारी जरूरत को पूरा करना है।कंपनी ने कहा कि सभी आवश्यक कानूनी मंजूरियां हासिल करने के बाद उत्पादों को गुजरात के अंकलेश्वर में मौजूदा संयंत्र में बनाया जा रहा है। मौके पर एशियन पेंट्स के प्रबंधन निदेशक और सीईओ अमित सिंग्ले ने कहा कि कंपनी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में काम कर रही है और इससे पहले उसने रोयाल हेल्थ शील्ड को बाजार में उतारा था, जो घरों को बैक्टीरिया से सुरक्षा प्रदान करता है।एशियन पेंट्स पहले ही कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए केंद्रीय और राज्य आपातकालीन राहत कोषों में 35 करोड़ दे चुकी है। इसके साथ ही कंपनी भोजन, मास्क और सैनिटाइजर देने के लिए कई गैर सरकारी संगठनों के साथ भी काम कर रही है।
