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मनरेगा में आवश्यकतानुसार बनेंगे नए जॉब कार्ड


भोपाल।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज राज्य में मनरेगा के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा बातचीत की। ये श्रमिक पहली बार संबंधित जिले के कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के साथ इस तरह की कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए और मुख्यमंत्री से चर्चा कर सके। इस अवसर पर मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हर जरूरतमंद को पात्रतानुसार कार्य उपलब्ध करवाया गया है। लोग तकलीफ में न आएं, इसके लिए आवश्यकतानुसार नए जॉब कार्ड भी तैयार किए जाएंगे।

कोरोना संकट के इस दौर में हर जिले में श्रमिकों को काम की जरूरत थी। रेड जोन छोड़कर अन्य इलाकों में इन कार्यों के संचालन के लिए मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिये थे। श्रमिकों के समक्ष जो रोजी-रोटी का संकट पैदा हुआ था वो मनरेगा कार्यों के संचालन से दूर हो सका है। मनरेगा में जल संरक्षण, कूप निर्माण, तालाब निर्माण, चेक डैम निर्माण सहित स्व-सहायता समूहों और स्वच्छ भारत मिशन के कार्य आज एक बड़े वर्ग के लिए वरदान सिद्ध हो रहे हैं।

कलेक्टर्स और जिला पंचायत के अधिकारियों से कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मनरेगा कार्यों के संचालन पर नजर रखी जाए। अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित करने वाले कोरोना वायरस से सुरक्षित रहते हुए हर जरूरतमंद को काम देने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हम कोरोना से लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके कथन - 'जान भी है, जहान भी' के अनुसार दो गज की दूरी बनाकर श्रमिकों के लिए रोजी-रोटी का प्रबंध करना है। मास्क अथवा गमछा उपयोग में लाने और साबुन से हाथ धोने जैसी सावधानियाँ अपनाकर कार्य करने हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि महिला स्व-सहायता समूहों को आठ करोड़ रुपए की राशि का भुगतान हुआ है। मनरेगा में इस समय 14 लाख 64 हजार 969 श्रमिक काम कर रहे हैं जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। प्रदेश की 22 हजार से अधिक पंचायतों में करीब 1 लाख 31 हजार कार्य चल रहे हैं।