भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर प्रवास के दौरान वीडियो काँफ्रेंस द्वारा राज्य में कोरोना नियंत्रण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि रिकवरी रेट में वृद्धि के बावजूद टेस्टिंग, अस्पतालों में बेड की व्यवस्था,2क्वांरेंटाइन व्यवस्था, आईसीयू व्यवस्था के कार्य निरंतर होना चाहिये। रोगियों की संख्या में संभावित वृद्धि को देखते हुए कान्टेक्ट ट्रेसिंग और कन्टेन्मेन्ट क्षेत्रों में निरंतर सजगता रखी जाये। मुख्यमंत्री चौहान ने इंदौर के साथ ही अन्य जिलों में कोरोना नियंत्रण के प्रयासों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि राज्य का रिकवरी प्रतिशत 68 हो गया है। इंदौर में रिकवरी रेट 65 प्रतिशत है, जो पुणे, चैन्नई, मुम्बई, दिल्ली और हैदराबाद से बेहतर है। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी उपस्थित थे। वीडियो कॉफ्रेंस में भोपाल से मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि राज्य में कुल बेड संख्या को 85 हजार तक ले जाने की दिशा में तेजी से कार्य होना चाहिये। वर्तमान में उपलब्ध बेड संख्या के मुकाबले भले ही एक तिहाई रोगी भर्ती हो रहे हैं, लेकिन हमारी तैयारी ऐसी होनी चाहिये कि वायरस के अधिक स्प्रेड होने की आशंका को देखते हुए कोई समस्या न आये। मुख्यमंत्री चौहान ने मध्यप्रदेश के रिकवरी रेट में वृद्धि की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि वायरस नियंत्रण के प्रयासों में ढिलाई नहीं आना चाहिये। जन-जागरूकता का कार्य भी निरंतर चले, अनलॉक-1 के बाद स्थिति लगातार सुधार की ओर बढ़ना चाहिये। इस चुनौती को पूरे साहस के साथ स्वीकार कर निपटने के प्रयास हो।
