भोपाल। चिरायु अस्पताल में कोरोना संक्रमित 108 मरीजों के स्वस्थ होने और घर रवानगी पर अपनी शुभकामनाएँ देते हुए गृह, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपेक्षा जताई कि वे सभी समाज के लिये मिसाल बनेंगे। कोरोना को हराने में वे मार्गदर्शन करेंगे। मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि न एलोपैथी न हौम्योपैथी सबसे अधिक कारगर है सिम्पैथी। उन्होंने कहा कि कोरोना से डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। आवश्यकता है सावधानी रखने की और कोरोना चक्र को तोड़ने की। उन्होंने चिरायु अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ सहित सभी कोरोना योद्धाओं की सराहना की। मंत्री डॉ. मिश्रा ने प्रसन्नता व्यक्त की कि चिरायु अस्पताल एक हजार से अधिक मरीजों को स्वस्थ कर सकुशल घर भेजने वाला देश का प्रथम अस्पताल बन गया है।
मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि कोरोना असाध्य बीमारी नहीं है। हम सावधानी रखकर इसे आसानी से हरा सकते हैं। हमें कोरोना के मरीजों के उपचार के साथ ध्यान देने, उन्हें आराम देने और प्यार देने की जरूरत है। सबसे सरल और आसान उपाय अपनापन और प्यार के साथ बीमारी का उपचार करना है। कोरोना स्वयं कोई मारक रोग नहीं है। यह घातक तब हो जाता है, जब मरीज किसी अन्य बीमारी से भी ग्रसित हो। उन्होंने कोरोना पीड़ितों से अपने आत्मबल को मजबूत बनाने की अपील की, जिससे कोरोना को आसानी से हराया जा सके। मंत्री डॉ. मिश्रा ने चिरायु अस्पताल के सीएमडी डॉ. अजय गोयनका की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि आज देश में ऐसा कोई अस्पताल नहीं है जहाँ इतनी अधिक संख्या में मरीजों के भर्ती होने के बाद एक प्रतिशत से भी कम की मृत्यु दर दर्ज की गई हो। उन्होंने कहा कि यह डॉ. गोयनका और उनकी टीम के निरंतर अथक परिश्रम का प्रतिफल है।
