मंत्री स्टाफ की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने ठग को साकेतनगर से पकड़ा
भोपाल। नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह और उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव के स्टाफ का कर्मचारी बन कर ट्रांसफर के नाम पर आॅनलाइन ठगी करने वाले को क्राइम ब्रांच ने पकड़ लिया है। यह ठग बीते मार्च माह में पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया के नाम पर भी ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। इस ठग ने न्यू मार्केट की एक फोटो कापी दुकान का लैंड लाइन नंबर दे रखा था, जिससे बात करता था और आॅनलाइन पैसे सीधी के एक बैंक खाते में ट्रांसफर करवाता था।
इस बारे में क्राइम ब्रांच एडीशनल एसपी गोपाल धाकड ने बताया कि दोनों मंत्रियों के स्टाफ की ओर से सायबर सेल और क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस पर एफआईआर दर्ज करके प्रकरण में विवेचना में लिया गया। छानबीन में सामने आया कि ठगी करने वाला मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता, बल्कि न्यू मार्केट की मेहरा फोटो कापी दुकान का लैंड लाइन नंबर सबको देता था। इसमें फोटो कापी दुकान वाले की भी मिलीभगत सामने आई है। क्राइम ब्रांच ने लैंड लाइन टेलीफोन नंबर के सहारे मेहरा फोटो कापी तक पहुंचने के बाद ठग का पता लगाया। इसके बाद घेराबंदी करके बागसेवनिया इलाके में साकेत नगर में किराए से रहने वाले जबलपुर निवासी शैलेंद्र पटेल को धर दबोचा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इससे पहले मार्च माह में पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया के स्टाफ का कर्मचारी बनकर ठगी करने के आरोप में गुना में जेल जा चुका है। वहां से जेल से बाहर आते ही भोपाल में सक्रिय हो गया और मंत्रियों के बंगलों के चक्कर काटते हुए जानकारी जुटाकर ठगी करने लगा।
दो सहायक प्राध्यापकों से ऐंठे 70 हजार
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि ठग शैलेंद्र पटेल ने जबलपुर क्षेत्र के दो सहायक प्राध्यापकों के ट्रांसफर कराने के बदले 70 हजार रुपए आॅनलाइन सीधी के एक बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। इसके पहले लैंड लाइन पर बात करते हुए शैलेंद्र पटेल ने अपने आप को उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव का पीए बताया था। इसी झांसे में आकर महिला सहायक प्राध्यापकों ने आॅनलाइन राशि ट्रांसफर कर दी।
तीन सीएमओ से वसूले एक लाख रुपए
क्राइम ब्रांच की छानबीन में पता चला कि नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ठाकुर के स्टाफ का कर्मचारी बनकर शैलेंद्र पटेल तीन नगर पालिका अधिकारियों से पहली किश्त में करीब एक लाख रुपए सीधी के बैंक खाते में ट्रांसफर करवा चुका है। यह नगर पालिका अधिकारी पाटन जबलपुर, करेली नरसिंहपुर और शाजापुर के हैं। इनको अपने साथ ठगी का अहसास होने पर शिकायत की, जिसके बाद नगरीय प्रशासन मंत्री के ओएसडी मयंक वर्मा ने तत्काल क्राइम ब्रांच को इसकी सूचना दी। इसके बाद एफआईआर दर्ज करके छानबीन शुरु हुई।
अभी जांच जारी
मंत्रियों के स्टाफ का कर्मचारी बनकर ट्रांसफर करवाने के बदले आॅनलाइन ठगी करने वाले शैलेंद्र पटेल से पूछताछ चल रही है। उसके साथ फोटो कॉपी दुकान वाला और सीधी बैंक खाता धारक की मिलीभगत के अलावा अभी तक कितनों को ठगा और कौन-कौन शामिल हैं, इसका पता लगाया जा रहा है।
गोपाल धाकड़, प्रभारी, क्राइम ब्रांच, भोपाल
