गाड़ी से कट्टा भी बरामद, डॉक्टरों पर भी हुआ मामला दर्ज
अशोकनगर। छह दिन पहले ग्राम मदागन में सिंचाई के लिए पानी देने के मामले में हुआ विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में विवाद तब और गहरा गया जब बुधवार की शाम को भीम आर्मी के पदाधिकारियों द्वारा शाढ़ौरा अस्पताल में पहुंचकर चिकित्सकों और स्टाफ के साथ मारपीट की गई। इस मामले में स्टाफ के कर्मचारी की शिकायत पर भीम आर्मी के पदाधिकारियों सहित बीस लोगों पर पुलिस प्रकरण दर्ज किया है। इनमें से आठ लोगों को गिरफ्तारा किया गया है। दूसरी ओर भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील बैरसिया की रिपोर्ट पर अस्पताल स्टाफ पर भी मारपीट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। दो परिवारों के बीच शुरू हुआ यह विवाद अब वर्ग संघर्ष का रूप लेता जा रहा है। हालांकि पुलिस प्रशासन का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जगह-जगह पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।उल्लेखनीय है कि बीती छह अक्टूबर को शाढ़ौरा थाना क्षेत्र के ग्राम मदागन में हुए विवाद में नीलेश रघुवंशी की रिपोर्ट पर शिवराम अहिरवार, परमाल अहिरवार, बिटुआ अहिरवार, बल्ला अहिरवार, रतिबाई अहिरवार पर पानी देने के विवाद पर से अश्लील गालियां देने, रास्ता रोककर मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने का प्रकरण दर्ज किया गया था जबकि दूसरे पक्ष की ओर से बल्ला अहिरवार की रिपोर्ट पर राजू रघुवंशी व नीलेश रघुवंशी पर जातिसूचक गालियां देने, रास्ता रोककर मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने का प्रकरण दर्ज किया गया था। इस मामले में अहिरवार समाज ने शाढ़ौरा थाना के आगे चक्कजाम किया था। आठ अक्टूबर को रघुवंशी समाज ने भी जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया था व धारा हटाने की मांग करते हुए चेतावनी दी थी कि यदि धारा 307 नहीं हटाई तो समाज प्रदेश स्तर पर उग्र प्रदर्शन करेगा।
भीम आर्मी के पदाधिकारी अचानक पहुंचें अस्पताल की मारपीट
अहिरवार व रघुवंशी समाज के लोगों के बीच हुए इस विवाद को सिलसिले में बुधवार को भीम आर्मी के पदाधिकारी मदागन पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक इसके बाद बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के ये लोग शाढ़ौरा अस्पताल में पहुंचे। जहां विवाद हुआ। अस्पताल स्टाफ ने भीम आर्मी के पदाधिकारियों पर चप्पल से पीटने, कट्टे से फायर करने, अस्पताल में तोडफोड़ करने के आरोप लगाए हैं। झगड़े की आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे और मारपीट कर उत्पात मचा रहे आठ लोगों को पकड़ लिया व बाद में पुलिस को सौंप दिया। इस दौरान हुई मारपीट में भीम आर्मी के प्रदेशाध्यक्ष के सिर में भी चोट आई है। बाद शाढ़ौरावासियों ने भीम आर्मी द्वारा किए गए उत्पात के विरूद्ध शाढौरा में चक्काजाम किया।
अस्पताल स्टाफ ने बताया कि चप्पलें मारी, डॉक्टर के सीने पर किया फायर
घटना के बारे में शाढ़ौरा अस्पताल में पदस्थ रेडियोग्राफर हरिओम सैनी ने बताया कि
शाम को मैं, राकेश वर्मा, डॉ. शैलेंद्र रघुवंशी अस्पताल में बैठै थे। तभी एक गाड़ी भरकर ये लोग आए और डॉ. भदौरिया साहब के बारे में पूछा तो मैंने मना कर दिया कि साहब है नही, घर पर ताला डला हुआ है। वो एमएलसी के बारे में पूछने लगे जब मैंने बताया कि यह साहब ड्यूटी पर हैं इन्हें बताओ तब तक उन्होंने चप्पल उतारकर हमला कर दिया। मैंने रोका तो उन्होंने साहब के सीने पर सीधा फायर कर दिया पर तब तक मैंने हाथ पकड़ लिया था जिससे साहब को गोली नहीं लगी। इसी तरह नेत्र सहायक पीएस माहौर ने बताया कि शाम को हम सब बैठे थे तभी तीन चार गाडि?ा आईं और उन्होंने एमएलसी के बारे में पूछा तो डॉ. शैलेंद्र रघुवंशी ने बताया कि मैं इंचार्ज पर हूं आप मुझे बताए तो वे गाली-गलांैच करने लगे और चप्पलों से मारपीट करते हुए झूमाझटकी करने लगे। बीच बचाव में हमारे भी कपड़े फट गए। इसी बीच फायर की भी आवाज भी आई तो सभी क्वाटर्स की ओर भागने लगे।
इनका कहना है -
दो समाजों के बीच विवाद हुआ था। बुधवार को भीम आर्मी के लोग मदागन गांव पहुंचे थे। परिजनों से मुलाकात के बाद इन्हें वहां से हटा दिया गया था। बाद में ये लोग अस्पताल पहुंचे जबकि अस्पताल में कोई भर्ती नहीं था। डॉक्टरों ने रिपोर्ट लिखाई है जिसमें मारपीट, तोडफोड़ करने, कट्टे से फायर करने का आरोप लगाया है। मौके पर भीम आर्मी की जो गाड़ी मिली थी उसमें एक कट्टा और एक बोतल शराब मिली है। डॉक्टरों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
रघुवंश सिंह भदौरिया
पुलिस अधीक्षक