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अवैध घोषित होने के बाद भी राजधानी वस्त्र व्यवसायी संघ के नाम पर फर्जी अध्यक्ष कार्यरत

सैकड़ों वस्त्र व्यवसाईयों ने फर्जीवाड़ा के खिलाफ उठाई आवाज

भोपाल। राजधानी के वस्त्र व्यवसाईयों की 40 साल पुरानी संस्था राजधानी वस्त्र व्यवसायी संघ का पंजीयन निरस्त होकर संचालन भी अवैध घोषित हो चुका है। बावजूद संघ के नाम पर अध्यक्ष बने श्यामबाबू अग्रवाल और उनके दर्जनभर साथी प्रशासन और व्यापारियों को गुमराह कर रहे हैं। 

यह खुलासा करते हुए सोमवार को राजधानी के सैकड़ों कपड़ा व्यापारी लखेरापुरा में इकट्ठे हुए और संघ के बारे में कोर्ट आर्डर सहित सच्चाई बताई। इनमें राजधानी व्यापारी संघ के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, उपाध्यक्ष अशोक जैन कस्तूरी, प्रमोद अग्रवाल, सुनील किंगरानी महामंत्री,  प्रभात जैन मंत्री, कोषाध्यक्ष राकेश गर्ग, कैलाश अग्रवाल, परमवीर सिंह सहित अन्य व्यापारी मौजूद थे। व्यापारियों ने बताया कि संघ के बीते 28 साल से चुनाव नहीं होने से व्यापारियों में तकरार बढ़ने के बाद शिकायत की गई, जिस पर रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसायटी ने 2015 में राजधानी वस्त्र व्यवसायी संघ का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया। इसी फैसले को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग ने भी कायम रखा। बावजूद श्यामबाबू अग्रवाल और उनके दर्जनभर साथी आज भी संघ के नाम का निजी हित में धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। हद तो यह है कि श्यामबाबू अग्रवाल के साथ एक भी कपड़ा व्यापारी नही है, बल्कि बिल्डर, सप्लायर आदि हैं। 

नया वैध संगठन बनाया गया

चौक और लखेरापुरा सहित अन्य इलाकों के वस्त्र व्यवसायियों ने नया वैध संगठन राजधानी व्यापारी संघ का निर्माण किया है। इसके अध्यक्ष सुनील अग्रवाल हैं, जबकि पंजीयन निरस्त हो चुके संगठन के नाम पर श्यामबाबू अग्रवाल अभी भी अपने आप को अध्यक्ष बताकर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं। श्यामबाबू अग्रवाल के संगठन पर नगर निगम का करीब डेढ़ु लाख रुपए बकाया है, जिसको चुकाया नहीं जा रहा।