देवेंद्र सिंह चौहान औबेदुल्लागंज। भोजपुर सड़क निर्माण कर रही वीआरएस कंपनी के कर्मचारी की बीती रात अज्ञात डंफर के कुचलने से मौत हो गई थी। ग्राम आशापुरी निवासी नाबालिग 16 वर्षीय राज सिसोदिया पाँच महीने से वीआरएस कंपनी में काम करता था। मृतक के पिता अमर सिंह ने बताया कि राज से चौबीस घंटे काम कराया जाता था और दो महीने की तनख्वाह भी कंपनी ने नही दी थी। मौके पर पहुँची पुलिस ने नाबालिग के शव को पोस्टमार्टम के लिए औबेदुल्लागंज अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद गुस्साए परिजनों एवं ग्रामीण कार्यवाही की मांग को लेकर शव थाने के सामने रखकर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थी। करीब एक घंटे तक कोई कार्यवाही नही की गई जिसके बाद शव को नेशनल हाइवे 45 पर ग्रामीण लेकर पहुँचे और हाइवे पर शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। हालात बिगड़ते देख चार थानों का भारी पुलिसबल तैनात किया गया साथ ही मौके पर एसडीओपी मलकीत सिंह तहसीलदार आर एस मरावी,नायब तहसीलदार लखनलाल सोनानिया पहुँचे। कड़ी मशक्कत के बाद प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजनों ने शव को हाइवे से हटाया।
नाबालिग से करा रही थी कंपनी काम
16 साल के नाबालिग बच्चें राज सिसोदिया से रोड़ निमार्ता कंपनी कैसे काम करा रही थी। जबकि शासन का नियम है कि नाबालिग बच्चों से किसी भी प्रकार का कोई काम नही कराया जा सकता उसके बाद भी किस तरह नियमो की धज्जियां उड़ाई जा रही है जिसका खामियाजा एक नाबालिग को अपनी जान गवा कर चुकाना पड़ा। उधर प्रशासन एवं आम लोगो ने कंपनी से पीड़ित परिजनों को आर्थिक मदद के रूप में साढ़े तीन लाख रुपये का मुआवजा दिलवाया। वही पुलिस ने डंफर को जप्त कर लिया है वही आरोपी ड्राइवर की तलाश की जा रही है।
इनका कहना है
हमे सुबह पता चला हमारे लड़के के साथ हेमराज नाम का लड़का भी काम करता था मेरे बेटे से चौबीस घण्टे काम कराया जाता था उसकी दो महीने की पेमेंट भी नही दी थी।
अमर सिंह मृतक का पिता।
भोजपुर रोड़ निर्माण कर रही कंपनी में मृतक बालक काम करता था जिसे अज्ञात वाहन ने कुचल दिया जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई, ग्रामीण आक्रोशित थे शव को लेकर आये थे लेकिन उन्हें समझाइस देकर हाइवे से हटा दिया गया है जो भी आरोपी है उसके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जा रही है,ग्रामीण व परिजनों की मांग थी कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
मलकीत सिंह एसडीओपी।
