
ज्ञापन में संगठन के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्यों एवं प्रदेश अध्यक्षों की सहमति से कहा गया है कि प्रस्तावित यूजीसी बिल का अध्ययन करने के उपरांत यह आवश्यक है कि संविधान प्रदत्त अधिकारों एवं सामाजिक न्याय की भावना के अनुरूप सभी प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं।
संगठन ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि यूजीसी बिल का मूल उद्देश्य उच्च शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना, विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए समान शैक्षणिक मानक स्थापित करना तथा अनुदान, मान्यता एवं नियमन प्रक्रिया को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाना है।
हालांकि महासभा ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) एवं वंचित वर्गों के शैक्षणिक, सामाजिक एवं संवैधानिक हितों की रक्षा सर्वोपरि है। संगठन ने मांग की है कि किसी भी नए शिक्षा कानून में आरक्षण व्यवस्था एवं सामाजिक न्याय के प्रावधानों से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।
ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से आग्रह किया गया है कि बिल में सामाजिक समावेशन एवं संवैधानिक मूल्यों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि वंचित वर्गों के अधिकार सुरक्षित रह सकें।
इस द्वारान नन्दकिशोर पटेल म.प्र. सचिव, रंजोर सिहं जिला अध्यक्ष,कमलेश भाई पटेल पूर्व लोकसभा प्रत्याशी बीएसपी, रामविश्वास पटेल पूर्व जिला अध्यक्ष, पुखराम सिंह यादव ओबीसी ब्लाक अध्यक्ष, जगदीश पटेल नगर अध्यक्ष गुन्नौर,संतोष कुमार पटेल सिरसी, जीराबाई पटेल कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष पन्ना, रमेश पटेल रैकरा,मनीराम,पटेल, हरिश्चंद्र पटेल,मिजाजी पेन्टर,देवेंद्र पटेल, नरेश पटेल, सिमरिया सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र धुर्वे जगदीश लोधी,कल्लू चौधरी , रवि वर्मा,राकेश वर्मा, बड़ी संख्या में ओबीसी महासभा के कार्यकर्ता रहे उपस्थित रहे
