- धार जिले के आमला तालाब की खाली भूमि का खेती के लिए पट्टा स्वीकृत करवाने के बदले 10 हजार रुपए की घूस किराए के घर में लेते हुए पकड़ा गया
धार। गर्मियों में तालाब सूखने पर उसकी खाली हुई जमीन पर खेती के लिए पट्टा स्वीकृत करवाने के बदले किसान से रिश्वत लेते हुए जलसंसाधन विभाग के अमीन को लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। रिश्वतखोर अमीन ने छुट्टी का दिन होने से रिश्वत देने के लिए किसान को अपने किराए के घर पर बुलाया था, जहां पकड़ा गया।

लोकायुक्त इंदौर कार्यालय में की थी किसान ने शिकायत
इस बारे में शिकायतकर्ता किसान दयाराम पटेल पिता जगन पटेल, उम्र 36 वर्ष, निवासी ग्राम आमला, तहसील और जिला धार ने पहुंचकर रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता किसान ने बताया कि आमला गांव के तालाब की रिक्त भूमि पर खेती के पट्टे के लिए आवेदन किया था। इस पर आरोपी जल संसाधन विभाग धार में अमीन के पद पर कार्यरत राज दिनकर ने उससे 30 हजार रुपए रिश्वत मांगी, जबकि इस काम के महज 5 से 7 हजार रुपए ही लगते हैं। आरोपी ने रिश्वत नहीं देने पर पट्टा स्वीकृत नहीं होने की धमकी भी दी।
शिकायत सत्यापित होने के बाद ट्रैप टीम रवाना की गई
किसान की शिकायत का सत्यापन करवाए जाने पर सही निकली। इसके बाद इंदौर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने ट्रैप टीम बनाई। इसमें उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान, आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक आदित्य सिंह भदौरिया, आरक्षक कमलेश परिहार, आरक्षक अनिल परमार, आरक्षक रामेश्वर निंगवाल शामिल किए गए। ट्रैप टीम को धार रवाना किया गया।
किराए के घर में बुलाकर आरोपी अमीन ले रहा था रिश्वत राशि
किसान दयाराम पटेल को आरोपी अमीन ने छुट्टी का दिन होने से रिश्वत देने के लिए प्रकाश नगर स्थित अपने किराए के घर पर बुलाया। इसके बाद जैसे ही किसान ने वहां पहुंचकर रिश्वत दी और आरोपी ने हाथ में नोट पकड वैसे ही लोकायुक्त टीम ने घेर कर दबोच लिया। इसके बाद हाथ धुलवाने पर गुलाबी हो गए। इसके बाद आरोपी अमीन राज दिनकर पिता स्व. राजेंद्र दिनकर, उम्र 26 वर्ष मूल निवासी-127, स्कीम 78, विजय नगर, इंदौर को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्यवाही की गई। पट्टा स्वीकृति प्रक्रिया में शामिल सभी लोगों से पूछताछ होगी
तालाब की भूमि के पट्टा स्वीकृति प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच होगी। ताकि स्पष्ट हो सके कि फाइल किस-किस स्तर पर रोकी गई और स्वीकृति में अड़चन क्यों की गई। इसके साथ ही रिश्वत लेते पकडेÞ गए जल संसाधन विभाग के अमीन से पूछताछ के साथ ही सारे मामले की जांच होगी और जो भी इसमें किसी भी स्तर पर शामिल होंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश सहाय, पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त पुलिस, इंदौर