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सागर में 4 बेटियों को कुएं में फेंकर मां ने झूल गई फांसी पर, पति के महीनों घर नहीं लौटने और संपर्क नहीं करने से थी तनाव में

  • सागर जिले के केसली थाना के ग्राम नन्ही देवरी खामरिया में पसरा सन्नाटा, पुलिस और प्रशासन ने शवों को पीएम के लिए भिजवाया, जांच जारी

सागर। सागर जिले केसली थाना क्षेत्र के नन्ही देवरी खमरिया गांव में एक मां ने अपनी चार मासूम बेटियों को कुआं में फेंकने के बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह वाकया बुधवार देर रात का है, लेकिन इसका गुरुवार को पता चलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और शवों की तलाश की। तब पहले तीन बेटियों के शव बावड़ी में मिले, सबसे छोटी बेटी का शव देर से मिला।





पुलिस को मृतका के 71 वर्षीय ससुर ज्ञानी लोधी ने बताया कि मृतका सविता बाई का पति यानि उसका बेटा चंद्रभान लोधी मजदूरी के सिलसिले में बाहर गया हुआ था। चंद्रभान ज्यादातर एक बस में क्लीनर है और महीनों तक घर नहीं लौटता है। एक बार 11 महीने बाद घर लौटा था। पति जब बाहर होता था, तो पत्नी से कोई संपर्क नहीं रहता था। घर में मृतका के ससुर और ननद मौजूद थीं। ससुर के अनुसार बुधवार रात में खाना खाने के बाद सभी लोग अलग अलग कमरे में सो गए थे। सुबह उठे तो बहू सविता बाई और बच्चियां नहीं मिलीं। इसके बाद पडोसियों को बताया और पुलिस को सूचना दी गई।





पुलिस की तलाश में कुएं में मिले बच्चियों के शव

इसके बाद पुलिस ने बच्चियों की तलाश शुरू की। बच्चियां की डेडबॉडी कुछ ही दूरी में मौजूद बावड़ी में मिली। तब बचाव दल और गांववालों ने पानी से 3 बच्चियों के शव एक-एक कर बाहर निकाले, लेकिन सबसे छोटी 5 महीने की बच्ची की डेडबॉडी नहीं मिली। इसके बाद गोताखोरों ने पानी में तलाश जारी रखी और कड़ी मशक्कत के बाद उसका शव भी बरामद कर लिया गया।





पहले मां के शव को पेड़ उतारा, फिर कुएं से निकले बेटियों के शव

श्रीमती सविता बाई (28) और बेटियां अंशिका (7 वर्ष), रक्षा (5 वर्ष) और दीक्षा (3 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों बेटियों के शव पास के कुएं में मिले, जबकि 5 महीने की मनीषा की तलाश में काफी परेशानी आई। गोताखोरों ने बिना रुके तलाश जारी रखी और आखिरकार दोपहर बाद मासूम मनीषा का शव भी मिल गया।


पुलिस का मानना है कि पति की उपेक्षा से पत्नी ने उठाया घातक कदम

पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतका सविता लोधी ने पति की उपेक्षा के कारण उपजे तनाव में आकर बच्चों को कुएं में फेंक दिया। इसके बाद स्वयं भी पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। पुलिस शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज कर जांच में जुटी है। जांच के बाद ही सबकुछ स्पष्ट हो पाएगा। मृतका के ससुर और पति के नाम पर 5 एकड़ जमीन है, जिससे परिवार का भरण पोषण होता था। पुलिस का मानना है कि पति के महीनों घर नहीं लौटने और संपर्क नहीं करने से पत्नी तनाव में थी।





सुबह गांववालों ने तलाशाा तो पेड़ पर लटकी मिली बहू की लाश

मृतका के 71 वर्षीय ससुर ज्ञानी लोधी ने बताया कि खाना खाने के बाद रात को सोने गई बहू और बच्चियों के सुबह नहीं मिलने पर पहले तो लगा कि कहीं गए होंगे, लेकिन काफी देर तक कोई पता नहीं चला। इसके बाद पड़ोसियों को बताया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद आसपास के इलाके में खोजने पर बहू की लाश पेड़ में फांसी के फंदे पर लटकी मिली, जबकि चारों नातिनों की लाशें कुएं से निकलीं।


करीब सालभर से बाहर है पति, संपर्क नहीं करने से तनाव में थी पत्नी

थाना प्रभारी केसली लोकेश पटेल के अनुसार मृतका सविता का पति चंद्रभान लोधी एक साल से गांव से बाहर है। उससे संपर्क नहीं हो पा रहा था। वह कभी-कभी ही संपर्क करता था। इससे उसकी पत्नी सविता बहुत परेशान थी। यह भी सामने आया है कि पति पिछली बार करीब 11 महीने बाद घर आया था, जिसके बाद फिर से चला गया था और उसके बाद से ही उसकी कोई खबर नहीं थी। इससे मृतका टेंशन में रहती थी।

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