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देशभर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचाारियों का आंदोलन शुरु, केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम सौंपा गया देश के 807 जिलों में ज्ञापन

भोपाल। देशभर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत करते हुए देशभर में प्रदर्शन के बाद जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन सौंपे गए। इसी क्रम में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी प्रदर्शन के बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने मांगों लेकर ज्ञापन सौंपा।                                                                                                                        


इस मौके पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय राज चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव महेंद्र शर्मा ने बताया कि अखिल भारतीय राज्य चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। इसके प्रथम चरण दिनांक 17 मार्च 2026 को देश के सभी जिलों में द्वारा जिला कलेक्टर के नाम प्रधानमंत्री भारत सरकार नई दिल्ली एवं वित्त मंत्री भारत सरकार नई दिल्ली के नाम संबोधित ज्ञापन दिया गया जो देश के सभी 807 जिलों में भारत सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया।


मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलो में मांगों का ज्ञापन सौंपा गया

अखिल भारतीय राज चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव महेंद्र शर्मा ने बताया कि इसी क्रम में मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे गए। इसकी अधिसूचना पूर्व में ही प्रदेश के सभी जिला अध्यक्षों को जारी कर दी गई थी। भोपाल में ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर भार्गव, संभागीय अध्यक्ष भोपाल जागेश्वर ओमर, उप प्रांत अध्यक्ष कैलाश लाल, कोषाध्यक्ष कमलेश पटेल, जिला अध्यक्ष राम कुंडल सेन, जिला कार्यकारी अध्यक्ष प्रमोद उपाध्याय के साथ-साथ भोपाल स्थित सभी विभागों के विभागीय समिति के अध्यक्ष उपस्थित रहे।                                                                                                             

यह हैं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

-देश भर में डी ग्रुप चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों की सीधी भर्ती बंद है, लगभग 1 करोड़ 40 लाख पद रिक्त है। शीघ्र सीधी भर्ती के द्वारा पदों की पूर्ति की जाए।

-पुरानी पेंशन बहाल किया जाए।

-स्थाई कर्मी कर्मचारी, दैनिक वेतन भोगी, अंशकालीन कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तरह सारी सुविधाएं दी जाए तथा समान वेतन समान कार्य के आधार पर उनको पुर्नस्थापित किया जाए।

-आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, कोटवार, आशा कार्यकर्ता, मिड डे मिल की रसोइया को कम से कम 30000 रुपए का वेतन का भुगतान किया जाए साथ ही भर्ती नियम स्थापित किया जाए।

-आउटसोर्स की भर्ती बंद करते हुए जिन आउटसोर्स कर्मचारी को सेवा में लिया गया है, उनको नियमित करने की कार्रवाई करते हुए आउटसोर्स आयोग का गठन किया जाए।