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अंतर्नाद: भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुरमयी प्रस्तुति से विरासत को संजोने के साथ ही मनमोहक संध्या सफलतापूर्वक संपन्न

  • अकादमी आफ म्यूजिक एंड टेक्नोलॉजी (अट&ळ) द्वारा आयोजित अंतर्नाद शास्त्रीय संगीत की मासिक श्रृंखला का यादगार आयोजन

भोपाल।       अकादमी आफ म्यूजिक एंड टेक्नोलॉजी  (AM&T)  द्वारा आयोजित अंतर्नाद शास्त्रीय संगीत की मासिक श्रृंखला का आयोजन शनिवार को सायं 7:30 बजे सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह संगीतमय संध्या श्रोताओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध हुई। 
                                                                                                                                                                                      

                                                                                                                                                                                                             कार्यक्रम में मुख्य कलाकार के रूप में प्रख्यात गायिका श्रीमती हेमा शिरोडकर ने अपनी प्रभावशाली एवं भावपूर्ण शास्त्रीय गायन प्रस्तुति से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके गायन में रागों की शुद्धता, भावों की गहराई एवं प्रस्तुति की गरिमा का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।

संगत कलाकारों में प्रमोद चौरसिया (हारमोनियम) एवं अजय कुलकर्णी (तबला) ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति से कार्यक्रम को और भी ऊँचाई प्रदान की। हारमोनियम की मधुर संगति और तबले की सटीक लयकारी ने पूरे वातावरण को सुरमय बना दिया।

कार्यक्रम में शहर के अनेक संगीत प्रेमियों, कला रसिकों एवं विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। श्रोताओं ने पूरे कार्यक्रम के दौरान गहन रुचि और सराहना व्यक्त की, जिससे सभागार में एक जीवंत और सकारात्मक वातावरण बना रहा।



अंतर्नाद का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत का सरंक्षण एवं प्रोत्साहन

अकादमी आॅफ म्यूजिक एंड टेक्नोलॉजी  (AM&T)  की निदेशक सुश्री आकृति मेहरा ने बताया कि अंतर्नाद का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा का संरक्षण एवं प्रोत्साहन करना है। इस आयोजन ने न केवल कलाकारों को एक मंच प्रदान किया, बल्कि श्रोताओं को भी भारतीय संगीत की गहराई और सौंदर्य से जोड़ने का कार्य किया।

सुश्री मेहरा के अनुसार अकादमी आॅफ म्यूजिक एंड टेक्नोलॉजी ने भविष्य में भी इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है, जिससे भोपाल शहर में संगीत और कला की परंपरा को और सुदृढ़ किया जा सके।

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