- उन्नत कृषि महोत्सव 2026 (प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण) का शुभारंभ दशहरा मैदान, रायसेन में हुआ
रायसेन। तीन दिवसीय 'उन्नत कृषि महोत्सव' (प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण) में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में, और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर, कई मंत्री, जन प्रतिनिधि और केंद्र तथा राज्य सरकारों के अधिकारी भी उपस्थित थे; इनके साथ ही डेयर के सचिव और आईसीएआर, नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट, तथा भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव आतिश चंद्र भी मौजूद थे। आईसीएआर संस्थानों के निदेशकों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।

किसान की मेहनत और संघर्ष को दिल से समझते हैं- राजनाथ सिंह
इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने कृषि क्षेत्र में मध्य प्रदेश की अग्रणी भूमिका की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई), मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना जैसी सरकारी योजनाओं की भी सराहना की। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के महत्व पर ज़ोर दिया और बताया कि फसलों में पोषक तत्वों के प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए मिट्टी की जाँच के माध्यम से पोषक तत्वों की स्थिति का आकलन करके, यह योजना फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने जैविक खेती और जैविक खाद्य पदार्थों, प्राकृतिक खेती, तथा मानव आहार में श्री अन्न (मिलेट्स) के महत्व पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ड्रोन तकनीक, मौसम पूर्वानुमान, हाइड्रोपोनिक्स, खाद्य प्रसंस्करण जैसे आधुनिक उपकरणों और तकनीकों का उपयोग किसानों को लाभ कमाने और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने में मदद कर सकता है। इस प्रकार, उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को संचालित करने में किसान एक प्राथमिक कारक है।

आत्मनिर्भर भारत के महायज्ञ में रक्षा और कृषि दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण स्तंभ
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह 'उन्नत कृषि महोत्सव' न केवल किसानों का एक मेला है, बल्कि यह ज्ञान, विज्ञान और किसानों का एक ऐसा महासंगम भी है, जहाँ उन्हें कृषि की आधुनिक तकनीकें सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने सरकार के उस लक्ष्य को भी सामने रखा, जिसके तहत तमाम चुनौतियों के बावजूद खाद्यान्न, फल, सब्जियों आदि के कुल उत्पादन के माध्यम से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जानी है। उन्होंने आगे बताया कि भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल द्वारा 'ई-फार्म' नामक एक ऐप विकसित किया गया है, जो उपज और मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए उर्वरकों के उपयोग हेतु स्मार्ट सुझाव प्रदान करता है। अतः, उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे इस विशाल आयोजन में पूरे उत्साह के साथ शामिल हों और यहाँ लगे स्टॉलों में प्रदर्शित विभिन्न सामग्रियों तथा 'लाइव डेमोस्ट्रेशन' (प्रत्यक्ष प्रदर्शन) के माध्यम से प्रत्येक तकनीक की व्यावहारिकता को स्वयं अनुभव करें।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव : अब शासन की कार्य–संस्कृति बदल चुकी है
म.प्र. के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि देश में अब शासन की कार्य–संस्कृति बदल चुकी है, विभाग अलग–थलग नहीं, बल्कि समन्वित और मिशन मोड में काम कर रहे हैं, और यह सब यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बदली हुई सोच और कार्यशैली का परिणाम है। उन्होंने मंच से जोरदार तालियों के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का अभिनंदन करते हुए कहा कि वे छह बार सांसद और छह बार विधायक रहे हैं और जिस भी काम को हाथ में लेते हैं, उसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाना उनकी पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह भव्य कार्यक्रम पूरे मंच के लिए गर्व की बात है, जहाँ समय भले सीमित हो, लेकिन संकल्प असीमित है। उन्होंने इस मंच को एक ओर सीमा पर देश की रक्षा करने वाले जवानों के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और दूसरी ओर खेत में देश की अर्थव्यवस्था संभालने वाले किसानों को एक साथ सम्मान देने वाला मंच बताते हुए कहा कि यह आयोजन दोनों की गरिमा बढ़ाने वाला ऐतिहासिक कार्यक्रम है, जहाँ देश सीमा पर सुरक्षित है और खेतों में मेहनतकश किसान भारत का मान–सम्मान बढ़ा रहे हैं।
डॉ. मोहन यादव ने इस विशाल आयोजन के महत्व को रेखांकित किया और किसानों से आग्रह किया कि वे इस किसान मेले से खेती की नई और आधुनिक तकनीकें सीखें।
इस बड़े कार्यक्रम में लाइव प्रदर्शन, खेती-बाड़ी से जुड़े विषयों पर लेक्चर, टेक्नोलॉजी और उत्पादों को दिखाने के लिए स्टॉल वगैरह शामिल हैं । इसमें मिट्टी की सेहत, मशीनों का इस्तेमाल, भारत विस्तार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का महत्व, मधुमक्खी पालन, दालों और तिलहनों की पैदावार बढ़ाने के तरीके, प्राकृतिक खेती, फसल के बचे हुए हिस्से का सही इस्तेमाल, बागवानी फसलें (फूल और सब्जियां) उगाने के तरीके, कीटों पर काबू पाने के मिले-जुले तरीके, नर्सरी का प्रबंधन, हाइड्रोपोनिक्स, सटीक खेती, वर्टिकल फार्मिंग, धान की खेती, मछली पालन और मोती की खेती, सीधे बीज से धान उगाना, मुर्गी पालन वगैरह जैसे खास विषयों पर लेक्चर दिए जाएंगे।
इसके अलावा, कई बैठकें भी आयोजित की जाएंगी, जैसे किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) की बैठकें; साथ ही फसल बीमा, खेती के लिए लोन, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) वगैरह के बारे में जागरूकता के बारे में बताया जाएगा । आयोजकों ने कई ज़रूरी मुद्दों पर छोटे नाटक (नुक्कड़ नाटक) दिखाने की भी योजना बनाई है, जैसे 'कचरे से कमाई' (वेस्ट टू वेल्थ) के तरीके से फसल के बचे हुए हिस्से का सही इस्तेमाल, फसल बीमा के बारे में जागरूकता, पृथ्वी बचाओ वगैरह। इसी तरह, इस कार्यक्रम में किसानों के फायदे के लिए खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआय) के महत्व के साथ 'भारत विस्तार' जैसे नए मुद्दों पर भी रोशनी डाली गई।
इस कार्यक्रम में, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों तथा कंपनियों के लगभग 350 स्टॉलों ने इस तीन-दिवसीय विशाल आयोजन में अपनी तकनीकों और उपलब्धियों का प्रदर्शन किया। किसानों की आजीविका को बेहतर बनाने और कृषि क्षेत्र में उन्नत उत्पादन के लिए उन्हें आधुनिकतम तकनीकों से प्रशिक्षित करने जैसे विभिन्न विषयों पर लगभग 27 पैनल चर्चाएँ आयोजित की गईं। इस अवसर पर, गणमान्य व्यक्तियों ने 'ई-फार्म' ऐप लॉन्च किया; इस ऐप को भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल द्वारा विकसित किया गया है और इसका उद्देश्य बेहतर पैदावार तथा मृदा स्वास्थ्य के लिए उर्वरकों के उपयोग हेतु स्मार्ट सुझाव प्रदान करना है। इस कार्यक्रम में सैकड़ों किसानों, वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
इसके अलावा, कई बैठकें भी आयोजित की जाएंगी, जैसे किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) की बैठकें; साथ ही फसल बीमा, खेती के लिए लोन, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) वगैरह के बारे में जागरूकता के बारे में बताया जाएगा । आयोजकों ने कई ज़रूरी मुद्दों पर छोटे नाटक (नुक्कड़ नाटक) दिखाने की भी योजना बनाई है, जैसे 'कचरे से कमाई' (वेस्ट टू वेल्थ) के तरीके से फसल के बचे हुए हिस्से का सही इस्तेमाल, फसल बीमा के बारे में जागरूकता, पृथ्वी बचाओ वगैरह। इसी तरह, इस कार्यक्रम में किसानों के फायदे के लिए खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआय) के महत्व के साथ 'भारत विस्तार' जैसे नए मुद्दों पर भी रोशनी डाली गई।
इस कार्यक्रम में, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों तथा कंपनियों के लगभग 350 स्टॉलों ने इस तीन-दिवसीय विशाल आयोजन में अपनी तकनीकों और उपलब्धियों का प्रदर्शन किया। किसानों की आजीविका को बेहतर बनाने और कृषि क्षेत्र में उन्नत उत्पादन के लिए उन्हें आधुनिकतम तकनीकों से प्रशिक्षित करने जैसे विभिन्न विषयों पर लगभग 27 पैनल चर्चाएँ आयोजित की गईं। इस अवसर पर, गणमान्य व्यक्तियों ने 'ई-फार्म' ऐप लॉन्च किया; इस ऐप को भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल द्वारा विकसित किया गया है और इसका उद्देश्य बेहतर पैदावार तथा मृदा स्वास्थ्य के लिए उर्वरकों के उपयोग हेतु स्मार्ट सुझाव प्रदान करना है। इस कार्यक्रम में सैकड़ों किसानों, वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
