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सिंहस्थ-2028: तकनीक, प्रशिक्षण, समन्वय एवं जनसहयोग से सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं ऐतिहासिक बनाया जाएगा-मकवाणा

  • पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में  उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गई आयोजित
  • सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर पुलिस सुरक्षा, साइबर एवं प्रशिक्षण व्यवस्था का व्यापक प्रस्तुतीकरण

उज्जैन। सिंहस्थ-2028 (महाकुंभ) के भव्य, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन की तैयारियों को लेकर उज्जैन में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें सिंहस्थ से जुड़ी पुलिस व्यवस्था, सुरक्षा संरचना, तकनीकी नवाचार, साइबर सुरक्षा एवं प्रशिक्षण रणनीति पर विस्तृत एवं समन्वित प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस मौके पर डीजीपी मकवाणा ने कहा कि सिंहस्थ-2028 केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं वैश्विक पहचान का प्रतीक है। तकनीक, प्रशिक्षण, समन्वय एवं जनसहयोग के माध्यम से इस आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं ऐतिहासिक बनाया जाएगा।



पुलिस ड्यूटी पोर्टल का शुभारंभ एवं साइबर सुरक्षा पोस्टर का अनावरण

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने पुलिस ड्यूटी पोर्टल का शुभारंभ किया, जिसे ीऌफटर प्रणाली से पूर्णत: एकीकृत किया गया है। यह पोर्टल सिंहस्थ-2028 में ड्यूटी हेतु इच्छुक पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आॅनलाइन पंजीयन, सत्यापन, प्रशिक्षण, डेटा प्रबंधन एवं ड्यूटी आवंटन के लिए विकसित किया गया है। पोर्टल पर कार्मिक का ऐस्र’ङ्म८ीी कऊ/वल्ल्र०४ी उङ्मीि दर्ज करने पर ीऌफटर से डेटा स्वत: प्राप्त होता है तथा सत्यापन उपरांत पंजीकरण पूर्ण किया जाता है। सफल पंजीकरण पर रटर के माध्यम से पुष्टि प्रदान की जाती है। यह प्रणाली मानव संसाधन प्रबंधन को अधिक पारदर्शी एवं तकनीक-सक्षम बनाती है।



साइबर सुरक्षा योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया

बैठक में सिंहस्थ साइबर सुरक्षा योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया तथा पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा संबंधित साइबर सुरक्षा पोस्टर का अनावरण किया गया। इस योजना का उद्देश्य डिजिटल सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करना, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, फेक न्यूज नियंत्रण, साइबर फ्रॉड रोकथाम, श्रद्धालुओं के डिजिटल डेटा की सुरक्षा एवं रियल टाइम साइबर इंटेलिजेंस प्रणाली को मजबूत करना है।

आईजी उज्जैन राकेश गुप्ता ने संभावित चुनौतियों को रखा सामने

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, उज्जैन रेंज राकेश गुप्ता ने सिंहस्थ-2028 से जुड़ी संभावित चुनौतियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें भीड़ प्रबंधन, यातायात दबाव, होल्डिंग एरिया, घाट क्षेत्रों की संवेदनशीलता, वीआईपी मूवमेंट, सीमावर्ती जिलों से आने वाले यातायात दबाव तथा आपातकालीन परिस्थितियों के प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई।




21 दिवसीय प्रशिक्षण मॉड्यूल का किया गया शुभारंभ

उप पुलिस महानिरीक्षक उज्जैन रेंज नवनीत भसीन ने प्रशिक्षण व्यवस्था पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। सिंहस्थ-2028 के जिए 07, 14 एवं 21 दिवसीय प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए गए हैं, जिनमें ळडळ (ळ१ं्रल्ल्रल्लॅ ङ्मा ळ१ं्रल्ली१२), उज्जैन एवं इकाई आधारित प्रशिक्षण, तथा रोल-बेस्ड पॉइंट ट्रेनिंग शामिल है। सिंहस्थ-2028 हेतु तैयार किए गए 21 दिवसीय प्रशिक्षण मॉड्यूल का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने किया। इसमें भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, साइबर अपराध, वीआईपी सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, सोशल मीडिया संचालन, घाट सुरक्षा, खोया-पाया केंद्र, प्राथमिक चिकित्सा एवं इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर संचालन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं।



ट्रेनिंग के बाद मास्टर ट्रेनर  देंगे जिलों में प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित अधिकारी एवं कर्मचारी मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किए जा रहे हैं, जो आगे अपने-अपने जिलों में अन्य बल को प्रशिक्षित करेंगे। प्रत्येक जिले से चयनित कार्मिकों का डेटा संकलित किया जा रहा है तथा प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी एवं व्यवहारिक बनाने हेतु प्रयागराज महाकुंभ-2025 एवं पूर्व सिंहस्थ अनुभवों का अध्ययन भी शामिल किया गया है। यह भी बताया गया कि उज्जैन में पूर्व से ही विशेष कार्यशालाओं एवं ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्रों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अनुभवी एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों की सहभागिता से प्रशिक्षण सामग्री को अधिक व्यावहारिक एवं परिणामोन्मुख बनाया जा रहा है।



सिंहस्थ-2028 में देश-विदेश से 30 करोड़ श्रद्धालु आएंगे

पुलिस अधीक्षक उज्जैन प्रदीप शर्मा द्वारा सिंहस्थ आयोजन एवं पुलिस व्यवस्था पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते बताया कि सिंहस्थ-2028 में लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है, जो इसे विश्व के सबसे बड़े मानव समागमों में से एक बनाता है। इस विशाल जनसमूह के सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन हेतु बहु-स्तरीय सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन योजना तैयार की गई है, जिसमें राज्य पुलिस बल, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, विशेष इकाइयाँ तथा सहायक बलों का समन्वित उपयोग किया जाएगा। साथ ही यातायात नियंत्रण, घाट सुरक्षा, होल्डिंग एरिया प्रबंधन एवं भीड़ प्रवाह नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक एवं रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है।



बैठक में उपस्थित रहे यह सीनियर पुलिस आफीसर

इस उच्चस्तरीय बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) राजाबाबू सिंह, उप पुलिस महानिरीक्षक (उज्जैन रेंज) नवनीत भसीन, उप पुलिस महानिरीक्षक तरूण नायक, उप पुलिस महानिरीक्षक (रतलाम) निमिष अग्रवाल, उप पुलिस महानिरीक्षक (पुलिस अधीक्षक) खण्डवा मनोज कुमार राय एवं स्टॉफ आॅफिसर टू डीजीपी मलय जैन सहित ट्रेनर के रूप में अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए। इसका संचालन सहायक पुलिस अधीक्षक (उज्जैन) सुश्री काजल सिंह द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) ए. साईं मनोहर द्वारा किया गया।